अंतिम पड़ाव  में पहुंचा ‘‘गेल फास्टेस्ट इंडियन टेलेंट हंट’’

अंतिम पड़ाव में पहुंचा ‘‘गेल फास्टेस्ट इंडियन टेलेंट हंट’’

लखनऊ: गैस आॅथरिटी इंडिया लिमिटेड के द्वारा आयोजित भारत के पहले ‘‘गेल फास्टेस्ट इंडियन टेलेंट हंट’’ के जरिए एथलेटिक्स में ओलंपिक मेडल जीतने वालों को सर्च करने के लिए केन्द्रीय मंत्री स्वंतत्र प्रभार धमेन्द्र प्रधान, पदमश्री मिल्खा सिंह व गेल के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर  बी.सी. त्रिपाठी की मौजूदगी में यह खेल का टेलेंट सर्च अपने अंतिम पढ़ाव में पहुंच गया है। 

पिछले चार महीनों से देश के 19 शहरों मंे गुहावटी से अहमदाबाद और कोच्चि से चंडीगढ़ में इस टेलेंट सर्च का आयोजन किया गया है, जहां 18 लड़के व लड़कियों को अलग अलग श्रेणियों में चुना गया है। इस पूरी परिक्रिया में गेल द् फास्टेस्ट इंडियन सर्च में 12 से 14 वर्श के लगभग 5000 बच्चों ने हिस्सा लिया है। इस इवेंट का फाइनल त्यागराज स्पोर्ट काॅम्पलेक्स दिल्ली में हुआ। 

2020 टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए और मेडल जीतने के लिए इन बच्चों को तैयार किया जाएगा, जिनसे उनमंे से कोई अगला मिल्खा आॅफ इंडिया बन सके। फ्लाइग सिख आॅफ इंडिया कहे जाने वाले मिल्खा सिंह जो इस पूरी इवेट के प्रीसिपल मेंटर हैं, के साथ इन बच्चों को जाने-माने राश्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय टेंªनर के साथ ट्रेंड किया जाएगा और पोस्ट गे्रजुएषन तक स्काॅलरशिप दी जाएगी।

आयोजन के बारे मंे बात करते हुए माननीय केन्द्रीय मंत्री स्वंतत्र प्रभार धमेन्द्र प्रधान ने कहा कि ‘‘गेल द फास्टेस्ट इंडियन इंवेट के साथ जुड कर मुझे खुशी है हमारे देश मंे राॅ टेलेंट को परिश्कृत करने की आवश्यकता है। गेल की फास्टेस्ट इंडियन चुनने की इस परिक्रिया के दौरान छुपे हुए टेलेंट को पूरे देष से ढूढने में मदद मिलेगी और उनको एक नया मुकाम मिलेगा। मैं कंपनी की इस कोशिश के लिए उनको बधाई देना चाहूगा। हम सभी की हार्दिक शुभकामना 2020 टोक्यो ओलंंिपक मंे हिस्सा ले रहे सभी भारतीय खिलाडि़यों के लिए हैे और हमें उम्मीद है कि मेडल जरुर जीतेगेे।‘‘

इस अवसर पर पदमश्री मिल्खा सिंह प्रीसिपल मेटर आॅफ द इंवेट ने कहा कि ‘‘गेल द फास्टेस्ट इंडियन अपने उच्चतम पढ़ाव पर आ गया है और मुझे खुशी हैं कि हमारे पास टेलेंटिड यंग एथलेटिक्स है, जिनको 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए तैयार किया जाएगा, देष को इस तरह के प्रोजेक्ट की जरुरत थी जिससे कई छुपे हूए टेलेट को पूरे देश  से ढूंढा जा सके।‘‘