अफसरों में बांट दो मेरे शरीर के टुकड़े

अफसरों में बांट दो मेरे शरीर के टुकड़े

अधिकारियों की प्रताडऩा से तंग लेखपाल ने ट्रेन से कटकर दी जान

सोनभद्र: सोनभद्र के लेखपाल अशोक चौबे ने वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताडऩा से तंग आकर शनिवार भोर में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि 'मैं अपने शरीर के दो टुकड़े कर रहा हूं, ऊपर का भाग एसडीएम और नीचे का भाग तहसीलदार को अर्पित करता हूं।Ó कनहर परियोजना के डूब क्षेत्र में तैनात लेखपाल हलका बदले जाने से काफी क्षुब्ध था।

पतरीहा गांव निवासी अशोक चौबे डूब क्षेत्र के सुंदरी गांव में बतौर लेखपाल तैनात रहे। दो दिन पूर्व तहसील प्रशासन ने उनका हलका बदल वहां नए लेखपाल को तैनात कर दिया था। इसी बात से क्षुब्ध चल रहे चौबे ने शुक्रवार रात घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन परिवारीजन की मौजूदगी की वजह से यह घटना टल गई थी। भोर में घर से निकल कर वह कनहर नदी के रेलवे पुल पर पहुंचे और शक्तिपुंज एक्सप्रेस के सामने कूद कर अपनी ईहलीला समाप्त कर ली। पौ फटने के साथ घटना की जानकारी हुई तो परिवारीजन में कोहराम मच गया। विंढमगंज व दुद्धी पुलिस के साथ अतिरिक्त तहसीलदार जितेंद्र कुमार भी राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने क्षत-विक्षत शव को एकत्र कर उसे कब्जे में लेकर दुद्धी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  

Uttar Pradesh, India