रसूल पाक सल्ल0 उच्च व्यवहार का नमूना थे: मौलाना खालिद रशीद

रसूल पाक सल्ल0 उच्च व्यवहार का नमूना थे: मौलाना खालिद रशीद

लखनऊ। खुदा पाक के रसूल सल्ल0 के पैदाइश के दिन 12 रबी उल अव्वल के अवसर पर जूलूस मदहे सहाबा रजि0 के ईदगाह लखनऊ पहुंचने पर ईदगाह कमेटी और इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया के कार्यकर्ताओं ने शानदार स्वागत किया। इस अवसर पर एक अजीमुश्शान जलसा ''सीरतुनन्बी सल्ल0 व सीतर सहाबा रजि0 और तहफ्फुज-ए-शरीअतÓÓ के विषय पर हुआ।

जलसे को मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी, मौलाना ताकिर रशीद फरंगी महली, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली,  जफरयाब जीलानी एडवोकेट, रईस अंसारी और मौलाना मुहम्मद मुश्ताक ने सम्बोधन किया। जलसे का आरम्भ दारूल उलूम फरंगी महल के अध्यापक कारी कमरुद्दीन की तिलावत से हुआ और संचालन मौलाना हारून निजामी ने किया।

इस अवसर पर जूलूस मदहे सहाबा रजि0 अमन व शान्ति के साथ निकलवाने और उच्च से उच्च प्रबंध करने पर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया की ओर से जिलाधिकारी राज शेखर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशस्वी यादव को उलमा के हाथों शाल पहनाकर स्वागत किया गया। दोनों अधिकारियों ने तमाम उलमाक्राम विशेषकर मौलाना खालिद रशीद फरगी महली और मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी और अवाम का शुक्रिया अदा किया कि इन तमाम लोागों की सहायता से 12 रबी उल अव्वल के मौके पर जूलूस अमन व शान्ति के साथ निकाला गया।

जलसे को सम्बोधित करते हुए मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी ने कहा कि नबी पाक सल्ल0 और सहाबा रजि0 की पैरवी हमारी पहली जिम्मेदारी है। इस लिए आज का दिन हमें यह बात दिलाता है कि खुदा पाक के रसूल सल्ल0 और आप सल्ल0 के सच्चे सहाबा रजि0 की शिक्षाओं पर हम सब अमल करें। उन्होंने कहा कि रहती दुनिया तक खुलाफा-ए-राशिदीन की सेवाओं को दुनिया भुला नही सकती। खुदा पाक के रसूल सल्ल0 ने अपने जीवन में ही अपने सच्चे और अच्छे सहाबा कि वह पाक जमाअत तैय्यार की जिसके हर व्यक्ति ने अपने आका सल्ल0 का हर पैगाम पूरी दुनिया में फैलाया। यही वजह है कि हर मुसलमान इस्लाम के इन सच्चे और अच्छे सहाबा रजि0 से भरपूर मुहब्बत करते हैं।

जलसे को सम्बोधित करते हुए इस्लामिक सेन्टर आफ अमेरिका के अध्यक्ष मौलाना तारिक रशीद फरंगी महली ने अवाम को आज के इस मुबारक दिन की मुबारकबाद देते हुए इस बात पर जोर दिया कि दुनिया आज जिस दौर से गुजर रही है, इन हालात में हर कलमा पढऩे वाले की यह जिम्मेदारी है कि रसूल पाक सल्ल0 के पैगामे अमन व मुहब्बत को घर घर पहुंचाया जाए जिससे कि इस्लाम और पैगम्बरे इस्लाम के सम्बंधित जो गलत फहमियाँ फैली हुई हैं उसको दूर किया जा सके।

इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली लखनऊ ने जुलूस मदहे सहाबा रजि0 केे पूरी शान और अमन व शान्ति के साथ खत्म होने पर उलमाक्राम, अंजुमनों के जिम्मेदारों को दिली मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि खुदा पाक के रसूल सल्ल0 और सहाबाक्राम रजि0 से मुहब्बत व अकीदत का छोटा सा यह नमूना जुलूस मदहे सहाबा रजि0 है और जिस तरीके से मुसलमानों के साथ गैर मुस्लिमों ने जगह जगह जुलूस का स्वागत किया इससे यह साबित होता है कि यह जूलूस हमारे शहर और हमारे प्रदेश की गंगा जमनी तहजीब की बड़ी निशानी है। उन्होने आप सल्ल0 की जीवनी पर रौशनी डालते हुए कहा कि रसूल  पाक सल्ल0 उच्च व्यवहार के नमूना थे। खुदा पाक ने आप सल्ल0 की जीवनी को हर व्यक्ति के लिए नमूना घोषित किया है।

ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेम्बर और प्रख्यात अधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने जलसे को सम्बोधित करते हुए आज के दिन के महत्त्व पर रौशनी डाली और कहा कि अगर हमें अपनी कौम को उन्नति के मार्ग पर ले जाना है तो उसके लिए जरूरी है कि हम नई नस्ल को सीरत पाक सल्ल0 और सीरत सहाबा रजि0 से अवगत करायें और तहरीक मदहे सहाबा रजि0 के ऐतिहास को भी आम करें जिससे कि हमारे बच्चों के अंदर इन बातों की अहमियत पैदा हो क्योंकि यह एक हकीकत है कि तहरीक मदहे सहाबा रजि0 मिल्ली तहरीकों का संगे मील है और यह जलसे इन बातों को अवाम तक पहुुंचाने का एक अहम् जरिया हैं।

इस अवसर पर शायरों और अंजुमनों ने अपने कलाम भी पेश किऐ। 

जलसे के अन्त पर देश और प्रदेश की अमन व शान्ति के लिए दुआ की गयी। जलसे में बड़ी संख्या में उलमाक्राम शरीक थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India