लखनऊ
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कहा है कि राहुल गाँधी के जातिगत जनगणना की मांग करने से डर कर ही भाजपा ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा की है। इसलिए इसका श्रेय भी राहुल गाँधी को ही जाता है।

शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को जब भी भाजपा कोई बड़ा ओहदा या पुरस्कार देती है तो उस समुदाय को चौकन्ना हो जाना चाहिए। क्योंकि आरएसएस और भाजपा उसके चेहरे को आगे करके उस समाज को नुकसान पहुंचाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में दलितों का उत्पीड़न किया जाना था इसलिए दलित समाज के संघी स्वयं सेवक रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बना दिया गया ताकि कोई सवाल उठाए तो उनका चेहरा आगे कर दिया जाए। कोविंद जी पूरे 5 साल दलित उत्पीड़न पर चुप रहे और अब रिटायरमेंट के बाद मोदी जी ने उन्हें चुनावी लोकतंत्र को खत्म करने वाली योजना ‘एक देश – एक चुनाव’ के काम में लगा दिया है और वो अब लोकतंत्र को ही खत्म करने की ज़रूरत पर प्रवचन दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसी तरह अंबानी और अदानी को आदिवासी बहुल क्षेत्रों से आदिवासियों को विस्थापित करके अवैध तरीके से खनिज की माइनिंग का अधिकार देना है। इसीलिए उनको गुमराह करने के लिए राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री आदिवासी समाज के लोगों को बना दिया गया है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने बिहार में जातिगत आधार पर आरक्षण दिया था जिसका विरोध तब जनसंघ ने किया था और आज जब राहुल गाँधी जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं तो भाजपा डर के मारे कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान कर के जातिगत जनगणना के सवाल पर लोगों को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण जिस तरह खत्म किया जा रहा है उसमें स्वाभाविक था कि मोदी सरकार पिछड़े वर्ग के किसी महापुरुष को कोई बड़ा सम्मान दे कर पिछड़ों को गुमराह करे। लेकिन पिछड़े समुदाय के लोग भाजपा के इस झांसे में नहीं आने वाले।