लखनऊ:
भाकपा (माले) ने औरैया में शिक्षक की बेरहम पिटाई से हाई स्कूल के 15 वर्षीय दलित छात्र निखित कुमार की मौत को शर्मनाक घटना बताया है। पार्टी ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दोषी शिक्षक को जेल भेजने और ऐसी कठोर सजा देने की मांग की है, जो आगे नजीर बने।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि राजस्थान के जालोर जिले की घटना अभी भूली भी नहीं कि औरैया में उसे करीब-करीब दोहरा दिया गया। इंद्र कुमार मेघवाल जैसे छात्र के हत्यारे राजस्थान ही नहीं यूपी में भी हैं।

माले नेता ने कहा कि औरैया में अछल्दा थानाक्षेत्र के फफूंद रोड स्थित आदर्श इंटर कालेज के 10वीं के छात्र निखित को बेरहम शिक्षक ने डंडे और लात-घूसों से इतना मारा कि वह बेहोश हो गया और इलाज के दौरान 18वें दिन उसकी मौत हो गई। उसके पिता वैशाली गांव निवासी राजू दोहरे के अनुसार, निखित का ‘अपराध’ इतना था कि उसने गत सात सितंबर को क्लास में लिए गए टेस्ट में कोई शब्द गलत लिख दिया था, जिस पर सामाजिक विज्ञान के शिक्षक अश्विनी सिंह आगबबूला हो गए और इतना पीटा कि अंततः उसकी मौत हो गई। यही नहीं, मौत से पहले छात्र की गंभीर हालत की जानकारी देने परिवारीजन जब शिक्षक के घर पहुंचे, तो उन्हें जातिसूचक गालियां देकर देकर भगा दिया गया।

राज्य सचिव ने कहा कि अभी कल ही छह महीने पूरे होने पर योगी सरकार ने अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर विकास के कसीदे काढ़े थे। औरैया की घटना पर मुख्यमंत्री क्या कहेंगे? क्या यह घटना सामंती जातिवादी घृणा के और पुष्ट होने का सूचक नहीं है, जिसे भाजपा सरकार ने अपनी शासन पद्धति से इसे सत्ता से लेकर समाज तक संस्थाबद्ध ही किया है।

माले नेता ने कहा कि विकास खुद की पीठ थपथपा लेने से नहीं होता, न ही आंकड़ों की बाजीगरी से होता है, बल्कि इससे होता है कि हम जिस समाज में रह रहे हैं वह कितना लोकतांत्रिक हुआ।