NEET अभ्यर्थियों को विदेश में मेडिकल शिक्षा के अवसरों की दी गई जानकारी

लखनऊ
NEET अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों को विदेश में MBBS की पढ़ाई से जुड़े अवसरों, प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क, छात्रवृत्ति तथा मेडिकल शिक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा रविवार को कैफ़ी आज़मी ऑडिटोरियम, गुरुद्वारा रोड, वाल्मीकि नगर, लखनऊ में विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय “MBBS Abroad: Opportunities & Guidance” रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ फखरुल इस्लाम फलाही साहब, डायरेक्टर, शाहीन ग्लोबल एकेडमी, लखनऊ के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए सही समय पर उचित मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का सही जानकारी के साथ चयन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके बाद सैयद शाह फख्र-ए-आलम हसन साहब, सज्जादानशीन, भागलपुर ने उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहते हुए निरंतर मेहनत करने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजीनियर अजहरुद्दीन साहब (हैदराबाद), डायरेक्टर, शाहीन ग्रुप स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम ने “MBBS Abroad: Opportunities & Guidance” विषय पर विस्तृत PPT प्रस्तुति की। उन्होंने विदेश की प्रमुख मेडिकल यूनिवर्सिटीज़, पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क, छात्रवृत्ति तथा मेडिकल शिक्षा के बाद करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने NEET अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों की व्यक्तिगत मार्गदर्शन कर उनके सवालों का समाधान किया।

इंजीनियर अजहरुद्दीन साहब ने बताया कि शाहीन ग्रुप कोई कंसलटेंट अजेंसी नहीं, बल्कि देशभर में विस्तृत शैक्षणिक नेटवर्क के साथ कार्य करने वाला शिक्षण संस्थान है। उन्होंने बताया कि शाहीन ग्रुप के 50 से अधिक केंद्र 13 राज्यों में संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 45,000 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। विदेश में मेडिकल शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समूह ने ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान की मेडिकल यूनिवर्सिटीज़ के साथ सहयोग किया है।

उन्होंने कहा कि NEET उत्तीर्ण करने के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट न मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए विदेश में मेडिकल शिक्षा एक वैकल्पिक अवसर हो सकती है। उनके अनुसार भारत में निजी मेडिकल कॉलेज से MBBS

करने में लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक खर्च हो सकता है, जबकि ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान में यह शिक्षा लगभग 32 से 37 लाख रुपये के कुल खर्च में पूरी की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि शाहीन ग्रुप विद्यार्थियों को एडमिशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति, टिकट एवं परिवहन, वीज़ा एवं दस्तावेज़ीकरण, भोजन एवं आवास, FMGE/NExT कोचिंग, इंटर्नशिप तथा क्लिनिकल ऑब्ज़र्वरशिप और टैब आदि जैसी सुविधाओं और प्रक्रियाओं में भी सहयोग प्रदान करता है।

कार्यक्रम के अंत में एडवोकेट राफ़े इस्लाम, ज़ोनल डायरेक्टर, शाहीन ग्रुप उत्तर प्रदेश ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।

इस अवसर पर अब्दुल रहमान, आसिफ क़ासमी एवं फैसल माबूद सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।