तौक़ीर सिद्दीक़ी
कहते हैं पाकिस्तान तेज़ गेंदबाज़ों की खान है, हर साल कोई न कोई नया तेज़ गेंदबाज़ दुनियाए क्रिकेट के सामने आता है, आज भी पाकिस्तान की टीम ने एक बेहद टैलेंड तेज़ गेंदबाज़, शाहनवाज़ धानी, जो काफी दिनों से पाकिस्तान टीम का दरवाज़ा खटखटा रहा था, उसको बांग्लादेश के खिलाफ टी २० सीरीज़ के तीसरे मैच में इंट्रोड्यूस किया।

आइये आपको शाहनवाज़ धानी के बारे में कुछ बताते हैं. शाहनवाज धानी का ताल्लुक़ पाकिस्तान के सिंध प्रांत से है. वह लरकाना के पास एक गांव खोआवड़ खान के रहने वाले हैं। उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में खुद को स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। हारिस रउफ की तरह धानी ने भी टैप बॉल से क्रिकेट का अपना सफर शुरू किया और शोहरत पायी।

इस साल के पाकिस्तान प्रीमियर लीग में जिस खिलाड़ी ने सबका ध्यान खींचा वो थे 22 साल के तेज गेंदबाज शाहनवाज धानी। लरकाना के इस नौजवान ने अपनी परफॉरमेंस से सभी को मुतास्सिर किया।

धानी को मुल्तान सुल्तांस ने इस साल की शुरुआत में पीएसएल 6 के ड्राफ्ट में एक उभरते हुए खिलाड़ी के रूप में चुना था और पेशावर जाल्मी के खिलाफ उनको पहला बड़ा मौक़ा मिला।

शाहनवाज धानी को उनकी तेज गेंदबाजी की वजह से उनके गाँव के लोग 3 जी बॉलर के नाम से बुलाते थे और इसी 3 जी टाइटल ने उनको इंस्पिरेशन दी.

धानी ने एक टीवी इंटरव्यू में बताया था कि वह गाँव में नंगे पांव क्रिकेट खेलते थे क्योंकि पास जूते भी नहीं थे, उनके वालिद साहब भी क्रिकेट के काफी खिलाफ थे,

धानी आज अपने मरहूम वालिद साहब को याद करते हुए कहते हैं कि आज वह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन मुझे यकीन है कि मुझे अपने गांव की पहचान बनते और नाम रोशन करते देखकर उन्हें बहुत फख्र हो रहा होगा .”

वहीं मुल्तान सुल्तान के कोच अजहर महमूद को शाहनवाज़ धानी में शोएब अख्तर नज़र आते हैं. आज उसी धानी ने टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया और अपने पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर विकेट हासिल करने का एज़ाज़ हासिल किया। धानी पाकिस्तान की जानिब से टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले 95 वें खिलाड़ी, उन्हें पाकिस्तान टीम के सीनियर खिलाड़ी और साबिक़ कप्तान सरफ़राज़ अहमद ने टीम की कैप सौंपी और उनके रौशन मुस्तक़बिल की दुआ की .

धानी ने आज अपने डेब्यू मैच में तीन ओवर कराये और 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया। धानी के कैरियर की यह एक अच्छी शुरुआत कही जाएगी। अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में विकेट हासिल करने का कारनामा बहुत कम गेंदबाज़ ही कर पाते हैं.