लखनऊ।
महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा यति नरसिंहानंद जी महाराज के प्रतिनिधि एवं डासना देवी मन्दिर, गाजियाबाद के स्वामी अमृतानन्द जी महाराज ने कहा कि अब संत समाज को आगे आकर सनातन धर्म और भारत राष्ट्र की रक्षा के लिये पहल करनी ही पड़ेगी। हरिद्धार के सर्वानंद घाट से दो जून को आरम्भ हुई सनातन धर्म संत जागृति यात्रा के लखनऊ में दो दिन के पड़ाव के बाद अगले गंतव्य स्थान अयोध्या के लिये रवाना होने से पूर्व स्वामी अमृतानन्द महाराज ने यात्रा की पूरी योजनाओं और उद्देश्य के बारे में जानकारी दे रहे थे।

इस मौके पर महन्त योगेन्द्र दास, सरस्वतीनन्द महाराज, संत ज्ञानेन्द्र दास, अखिल भारत हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी, संत सभा के प्रदेश अध्यक्ष बाबा महादेव सहित कई प्रमुख नेता अंकेश चौहान, प्रदीप जायसवाल, पंकज तिवारी, श्रीराम तिवारी, गोपी कृष्ण, सिद्धार्थ दुबे, बृजेश शुक्ला, अश्विनी गुप्ता, विपिन कुमार सिंह, राघवेन्द्र सिंह नीरज शुक्ला, अषोक शुक्ला सहित कई लोग मौजूद थे।

इस मौके पर स्वामी अमृतानन्द महाराज ने कहा कि आज सनातन धर्म पर अभूतपूर्व संकट है। यदि हिन्दुओ का जनसंख्या अनुपात इसी तरह घटता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब भारत इस्लामिक देश बन जायेगा। अगर भारत इस्लामिक देश बना तो अब हिन्दुओ को भागने की भी जगह नहीं मिलने वाली है। ये बात मौलाना अब जोर शोर से कहने भी लगे हैं। इन्हीं तथ्यों से जागरूक करने के लिये निकाली जा रही यह यात्रा हिन्दीभाषी क्षेत्रों के सभी धार्मिक मठ मंदिरों और आश्रमो में होते हुये दूसरे चरण में दक्षिण भारत पहुंचेगी, जहां महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी भी भाग लेंगे।

यह यात्रा अपने अंतिम चरण में हरिद्वार के सन्तो के दर्शन करेगी और उन्हें पूरे देश के सन्तो से हुए विचार विमर्श के बारे में जानकारी देगी। यात्रा में स्वामी कृष्णानंद गिरी, यति कृष्णानंद सरस्वती तथा अन्य संत भी शामिल है। अखिल भारत हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने सनातन धर्म संत जागृति यात्रा की सराहना करते हुये कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और उसके प्रति जागरूक करने के लिये महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा यति नरसिंहानंद ने जो पहल शुरू की है, वह स्वागत योग्य है। सनातन धर्म की रक्षा की लड़ाई सिर्फ साधु-संत समाज की नहीं बल्कि पूरे हिन्दू समाज की है, और इसके लिये उसे आगे आना होगा।