लखनऊ
मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने आज लखनऊ में अपना सीएसआर कार्यक्रम आयोजित किया, जो वित्त वर्ष 2026–27 के लिए कंपनी की ₹200 करोड़ की राष्ट्रीय सीएसआर प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश में यह पहल समूह के व्यापक राष्ट्रीय सीएसआर ढांचे के तहत राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन को दर्शाती है, जिसका फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, भूख उन्मूलन, आवास और पर्यावरणीय स्थिरता पर है।

यह कार्यक्रम लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के वरिष्ठ प्रतिनिधि, आमंत्रित अतिथि और स्थानीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे।उत्तर प्रदेश में सीएसआर पहलें शिक्षा-केन्द्रित हस्तक्षेपों पर आधारित हैं, जिनके तहत राज्य भर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को 1,500 शैक्षणिक छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही, समूह की पहल के अंतर्गत भूख उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 9 शहरों में प्रतिदिन लगभग 3,200 भोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, 144 माइक्रो-लर्निंग सेंटरों के माध्यम से 5,889 छात्रों को शिक्षा सहयोग दिया जा रहा है, तथा 332 पेयजल कुओं के निर्माण के माध्यम से 5,700 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।

ये सभी कार्यक्रम मलाबार चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से एक संरचित सामाजिक प्रभाव दृष्टिकोण के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा,“शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित प्रयास समाज को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार की पहलें व्यक्तियों के लिए अवसर सृजित करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में सार्थक योगदान देती हैं।”

मलाबार समूह के चेयरमैन एम. पी. अहमद ने कहा,“हमारी सीएसआर पहलें समुदायों में दीर्घकालिक और संरचित प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं। उत्तर प्रदेश में लागू किए जा रहे ये कार्यक्रम हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का अभिन्न हिस्सा हैं, और हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इन पहलों का लाभ लाभार्थियों तक निरंतर और प्रभावी तरीके से पहुंचे।”राष्ट्रीय स्तर पर ₹200 करोड़ के सीएसआर आवंटन का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए माइक्रो-लर्निंग सेंटर और छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम शामिल हैं।

इसके अलावा ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ परियोजना के तहत खाद्य वितरण, स्वास्थ्य सेवाएं, ‘ग्रैंडमा होम’ जैसी आवास परियोजनाएं और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी निधि आवंटित की गई है।मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स अपने सीएसआर ढांचे के तहत अपने शुद्ध व्यापारिक लाभ का 5% सामाजिक पहलों पर व्यय करता है। ये कार्यक्रम ESG सिद्धांतों द्वारा निर्देशित हैं और ‘प्रथम’ तथा ‘थानल’ जैसे संगठनों के सहयोग से लागू किए जाते हैं।देशभर में अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से समूह अब तक 18 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल चुका है, और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों का विस्तार जारी है।