नई दिल्लीः भाजपा भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के भरोसे विधानसभा चुनाव लगाए है, लेकिन सोशल मीडिया में उनके वीडियो को नापसंद करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.

भाजपा बता रही है विरोधियों की साज़िश
प्रधानमंत्री के हर वीडियो पर आने वाले लाइक्स को भाजपा उनकी लोकप्रियता के तौर पर दिखाती थी, लेकिन अब स्थिति यह है कि डिस्लाइक की संख्या लाइक्स से भी ज्यादा होती जा रही है. विरोधी जहां इसे मोदी की गिरती लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं वहीं भाजपा इसे विरोधियों की साजिश मान रही है.

बढ़ रही है डिसलाइक करने वालों की संख्या
आज दुर्गा पूजा के मौके पर मोदी के संबोधन के वीडियो पर 3100 लोगों ने लाइक किया वहीं डिस्लाइक करने वालों की संख्या 3800 थी. इसी तरह दो दिन पहले 20 अक्तूबर के मोदी के संबोधन के वीडियो को 7300 लोगों ने पसंद किया वहीं नापसंद करने वालों की संख्या 9400 रही.

यू ट्यूब पर बंद कर दिया था लाइक-डिस्लाइक का विकल्प
पार्टी के यूट्यूब चैनल पर मोदी के संबोधन के लाइव प्रसारण पर डिस्लाइक की बढ़ती संख्या को देखते हुए चैनल का संचालन करने वालों ने इस पर लाइक-डिस्लाइक का विकल्प ही बंद कर दिया, लेकिन जैसे ही इसे खोला जाता है डिस्लाइक की संख्या फिर से तेजी से बढ़ने लगती है.