संसद में चर्चा बिना कृषि कानून निरस्तीकरण बिल पास कराये जाने पर बोले अजय कुमार लल्लू

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बीजेपी पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी की केंद्र सरकार संसद में किसानों की दशा पर चर्चा नहीं होने देती और न यूपी की योगी सरकार विधानसभा में उनके दर्द पर बात होने देती है। यूपी में किसान खाद और डीएपी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह आज तीन कृषि कानूनों को बिना बहस के संसद से निरस्त कराया गया वह बताता है कि बीजेपी में किसानों के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी जी ने पहले ही कहा था कि ये कानून वापस होंगे लेकिन सरकार ने ऐसा करने के पहले 700 किसानों की बलि ले ली। पीएम मोदी को शहीद किसानों के परिवारों को मुआवज़ा देने, हर परिवार के किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने और आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस करने चाहिए। साथ ही मोदी सरकार स्पष्ट करे कि बीजेपी सांसद साक्षी महाराज जैसे लोगों के उस बयान पर उसकी क्या राय है जिसमें उन्होंने कहा था कि ये कानून फिर लागू किये जा सकते हैं। इससे ये संदेश गया है कि मोदी सरकार ने चुनावी हार से घबराकर कदम पीछे कर रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों के खाद की समस्या पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। किसान केंद्रों से डीएपी न देकर ज़्यादा दामों पर यूरिया दी जा रही है जिसको लेकर असंतोष है। किसान खाद की लाइन में खड़े-खड़े किसान अपनी जान गंवा रहे हैं लेकिन सरकार फर्जी विज्ञापनों से चेहरा चमका रही है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने बीजेपी का किसान विरोधी चेहरा पूरे देश में उजागर कर दिया है। यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने घोषणपत्र में 14 दिन में गन्ना किसानों का पूरा भुगतान करने का वादा किया था लेकिन गन्ना किसानों का लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। आवारा पशुओं ने किसानों को पूरे प्रदेश में परेशान कर रखा है जबकि सरकार आंख मूंदे बठी है। उधर, डीज़ल के दाम जिस तरह से बढ़े हैं उसने किसानों की लागत कई गुना बढ़ा दी है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ़ किसानों में जिस कदर गुस्सा है उसका नतीजा अगले चुनाव में देखने को अवश्य मिलेगा। कांग्रेस पहले दिन से उनके आंदोलन में साथ खड़ी रही। राहुल गाँधी जी और प्रियंका गाँधी जी ने सड़क पर उतरकर किसानों के मुद्दे पर संघर्ष किया ये न किसान भूलेंगे, न प्रदेश की जनता।