अल-इल्म स्टडी सेंटर”, हल्लौर का पहला स्थापना दिवस मनाया गया
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक एवं आधुनिक शिक्षा से जुड़े विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।
हल्लौर
(सिद्धार्थनगर)
कस्बा हल्लौर के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान “अल-इल्म स्टडी सेंटर” की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भाषा व साहित्य, धार्मिक एवं आधुनिक शिक्षा से जुड़े विद्वानों की एक स्मरणीय और गरिमामय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस शैक्षिक एवं बौद्धिक बैठक की अध्यक्षता मौलाना शाहकार हुसैन ज़ैदी (इमाम-ए-जुमा, हल्लौर) ने की, जबकि तशबीब हसन रिज़वी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
इस शैक्षिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम में ख़तीब-ए-अहलेबैत जमाल हैदर करबलई विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा मौलाना ग़ुलाम अब्बास हल्लौरी (रिसर्च स्कॉलर, लखनऊ विश्वविद्यालय) सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए और अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन महबूब अली (रिसर्च स्कॉलर, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) ने अत्यंत सधे हुए और प्रभावशाली ढंग से किया।
कार्यक्रम के दौरान अल-इल्म स्टडी सेंटर के प्रत्येक समूह के विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इसी अवसर पर स्टडी सेंटर के प्रमुख मौलाना शाहकार हुसैन ज़ैदी को उनकी सेवाओं के लिए सम्मान-पत्र प्रदान किया गया। साथ ही डॉ. अस्मा रिज़वी, पुत्री आयात हुसैन रिज़वी, को एम.डी. पूर्ण करने पर विशेष सम्मान से नवाज़ा गया, जिस पर उपस्थितजनों ने प्रसन्नता और सराहना व्यक्त की।

इस अवसर पर संस्था के प्रेरक एवं आयोजक डॉ. वज़ाहत हुसैन रिज़वी तथा आयात हुसैन रिज़वी ने बताया कि “अल-इल्म स्टडी सेंटर” समाज और समुदाय के गरीब एवं ज़रूरतमंद बच्चों को बिना किसी शुल्क के गुणवत्तापूर्ण, उपयोगी और आधुनिक शिक्षा प्रदान कर रहा है तथा उनकी शैक्षणिक क्षमताओं को निखार कर एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान कस्बे के गणमान्य नागरिक—तआक़ीब रिज़वी, क़सीम रिज़वी, इंतज़ार हुसैन, सुहैल अहमद, शब्बीर मास्टर, हसन जमाल, राहिब रिज़वी, मोहम्मद हैदर—सहित अन्य साहित्य एवं ज्ञान से जुड़े व्यक्तियों ने भी अपने विचार रखे और संस्था की शैक्षणिक एवं सामाजिक सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस आयोजन में अल-इल्म स्टडी सेंटर, हल्लौर के शिक्षक, विद्यार्थी, उनके अभिभावक तथा कस्बा हल्लौर के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित रहे, जिससे यह कार्यक्रम एक यादगार और सफल शैक्षिक-साहित्यिक आयोजन सिद्ध हुआ।










