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अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता पलट के बाद तालिबान के नेतृत्व में स्थापित नई सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री मुल्ला अब्दुल बाकी ने आज एक अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा कि स्कूल या कालेज की डिग्री की कोई वैल्यू नहीं, दुनिया के पीछे दौड़ने से नहीं बल्कि तक़वा (धर्मपरायणता) से सम्मान मिलता है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडिओ में मुल्ला अब्दुल बाकी उच्च शिक्षा की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं. वह कह रहे , किसी पीएचडी या मास्टर डिग्री की आज वैल्यू नहीं हैं. आप देख रहे हैं कि मुल्ला और तालिबान जो आज सत्ता में हैं, उनके पास पीएचडी, एमए या हाईस्कूल की डिग्री नहीं है, लेकिन ये लोग सबसे महान हैं.

गौरतलब है कि तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने काबुल पर 15 अगस्त के कब्जे के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान दिया कि अफगानिस्तान में शासन और जीवन से जुड़े सभी मामले शरिया कानूनों के तहत चलाए जाएंगे. भले ही इस कट्टरपंथी समूह ने विश्व में मान्यता प्राप्त करने के लिए नए, बेहतर और उदार नजरिये का वादा किया है, लेकिन वास्तविकता और उसके नेताओं की घोषणाओं को देखते हुए इस पर अभी से ही सवाल उठने लगे हैं.