IPL का फाइनल बेंगलूरु में कराने का फैसला

IPL का फाइनल बेंगलूरु में कराने का फैसला

नई दिल्ली: सूखाग्रस्त महाराष्ट्र से आईपीएल के 13 मैच स्थानांतरित करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के बाद आज इस लीग ने फाइनल बेंगलूरु में कराने का फैसला किया जबकि राज्य की प्रभावित टीमों को घरेलू मैदान के लिये विकल्प भी दिये गए।

आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला और राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस तथा मुंबई इंडियंस टीमों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में तय किया गया कि आईपीएल फाइनल और पहला क्वालीफायर बेंगलूरु में होगा।

दूसरा क्वालीफायर और एलिमिनेटर कोलकाता में कराने का प्रस्ताव रखा गया है। आज की बैठक में दोनों प्रभावित टीमों को घरेलू मैदान चुनने के लिये रायपुर, जयपुर, विशाखापत्तनम और कानपुर के विकल्प दिये गए। पुणे ने विशाखापत्तनम को चुना जबकि मुंबई इंडियंस ने दो दिन का समय मांगा है।

राजीव शुक्ला ने बैठक के बाद कहा, हम संचालन परिषद के सामने प्रस्ताव रखेंगे कि फाइनल और पहला क्वालीफायर बेंगलूरू में हो जबकि दूसरा क्वालीफायर और एलिमिनेटर कोलकाता में कराया जाये। राजीव शुक्ला ने कहा, फ्रेंचाइजी से बात करने के बाद हमने उन्हें चार विकल्प दिये जो रायपुर, जयपुर, कानपुर और विशाखापत्तनम हैं। मुंबई इंडियंस ने परसो तक का समय मांगा है। पुणे ने विशाखापत्तनम चुना है। हम पुणे टीम का प्रस्ताव संचालन परिषद के सामने रखेंगे।

यह संकट तब पैदा हुआ जब दोनों फ्रेंचाइजी द्वारा मुख्यमंत्री सूखा राहत कोष में पांच पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश के बावजूद अदालत ने 30 अप्रैल के बाद के आईपीएल मैच महाराष्ट्र से स्थानांतरित करने के आदेश दिये।

राजीव शुक्ला ने कहा, जहां तक पांच करोड़ रुपये देने का सवाल है तो यह अदालत के निर्देश के अनुसार होगा। टीमों को इस पर लिखित आदेश मिलना चाहिये।शुक्ला ने कहा कि बीसीसीआई अदालत से एक मई को मुंबई और पुणे का मैच पुणे में कराने की अनुमति देने की अपील करेगी क्योंकि मेजबान टीम 29 अप्रैल को शहर में एक मैच खेलेगी। राजस्थान क्रिकेट संघ को गुटबाजी के कारण प्रतिबंधित किया गया है लेकिन शुक्ला ने कहा कि यह वेन्यू आईपीएल मैचों के लिये उपलब्ध है क्योंकि इसकी मेजबानी की पेशकश राज्य सरकार ने की है। उन्होंने कहा, यह प्रस्ताव सरकार की ओर से आया है और वे खेल परिषद के प्रमुख हैं। स्टेडियम सरकार का है लिहाजा जो भी होगा, सरकार के मार्फत होगा। ये सिर्फ प्रस्ताव हैं जो संचालन परिषद के सामने रखे जायेंगे।

बीसीसीआई ने बुधवार को अदालत के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि टूर्नामेंट के बीच में मैचों को स्थानांतरित करना संभव नहीं होगा।