तस्कीन, अराफ़ात सन्नी पर आईसीसी ने लगाई पाबन्दी

तस्कीन, अराफ़ात सन्नी पर आईसीसी ने लगाई पाबन्दी

बांग्लादेश के दो गेंदबाजों पर आईसीसी की गाज गिरी है। आईसीसी ने तेज़ गेंदबाज़ तस्किन अहमद और स्पिनर अराफात सन्नी को गलत गेंदबाज़ी एक्शन की वजह से गेंदबाज़ी करने पर रोक लगी दी है। दोनों गेंदबाज़ों पर तुरंत प्रभाव से आईसीसी का बैन लागू होगा। आईसीसी ने प्रेस रीलिज़ में कहा कि तस्किन अहमद और सन्नी दोनों आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में आगे गेंदबाज़ी नहीं कर सकेंगे।

बांग्लादेश ने क्वालिफ़ायर राउंड में जीत हासिल कर सुपर-10 में जगह बनाई थी और फ़ैन्स को उनसे यहां अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। सुपर-10 में पाकिस्तान के खिलाफ कोलकाता में तस्किन ने 32 रन देकर 2 विकेट लिए थे और आराफात ने 34 रन देकर 2 विकेट झटके थे। दोनों के गेंदबाज़ी एक्शन को अंपायरों ने 9 मार्च को धर्मशाला में खेले गए नीदरलैंड्स के साथ मैच में रिपोर्ट किया। जिसके बाद आईसीसी द्वारा चेन्नई में किए गए टेस्ट में दोनों बांग्लादेशी गेंदबाज़ फेल हो गए।

आईसीसी ने सन्नी के बॉलिंग एक्शन को नियम से अलग पाया, जिसमें गेंदबाज़ी करते हुए उनकी कोहनी 15 डिग्री से ज़्यादा मुड़ रही थी। आईसीसी के मुताबिक ज़्यादातर गेंद फ़ेंकने के समय सन्नी की कोहनी 15 डिग्री से ज़्यादा मुड़ी, जबकि तस्किन अहमद के गेंदबाज़ी एक्शन को भी आईसीसी ने नियम के मुताबिक नहीं पाया। तस्किन की कुछ गेंदों को ही आईसीसी के नियम से अलग पाया गया। बांग्लादेश को दोनों गेंदबाज़ों की जगह किसी और खिलाड़ी को आईसीसी वर्ल्ट टी-20 में शामिल करने के लिए टूर्नामेंट की तकनीकी कमेटी से इजाज़त लेनी पड़ेगी।

तस्किन और अराफात पर लगा बैन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों में लागू होगा, लेकिन वह अपने घरेलू बोर्ड से इजाज़त लेकर अपने देश में खेल सकेंगे। तस्किन और सन्नी गेंदबाज़ी एक्शन में सुधार के बाद क़रीब 15 दिनों के बाद फिर से टेस्ट करवा सकते हैं।

इससे पहले भी बांग्लादेश के ऑफ़-स्पिनर सौहेल गाज़ी पर अक्टूबर 2014 में ग़लत गेंदबाज़ी एक्शन के लिए बैन लगा था। हालांकि फ़रवरी में हुए दूसरे टेस्ट में गाज़ी पास हो गए। वहीं लेफ़्ट आर्म स्पिनर अब्बदुर रज़्ज़ाक पर नवंबर 2008 में बैन लगा फिर मार्च 2009 में उन पर से बैन हटा लिया गया। बांग्लादेश के एक और खिलाड़ी अल अमीन हुसैन पर भी 2014 में बैन लग चुका है जिसे बाद में टेस्ट के बाद हटा लिया गया था।