पठानकोट हमला: रक्षा मंत्री ने सुरक्षा कमियों को स्वीकारा

पठानकोट हमला: रक्षा मंत्री ने सुरक्षा कमियों को स्वीकारा

नई दिल्‍ली: पठानकोट एयरबेस हुए आतंकी हमले के मद्देनजर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर आज थल और वायु सेना प्रमुख के साथ वहां पहुंचे। रक्षामंत्री ने स्वीकार किया कि 'कुछ कमियां' थीं जिनकी वजह से यहां वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमला हुआ। उन्होंने बताया कि हमला करने वाले सभी छह आतंकवदी मार गिराए गए हैं। इन आतंकवादियों 

इस वायुसेना अड्डे का दौरा करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में पर्रिकर ने कहा कि आतंकवादियों को मार गिराया गया है, हालांकि तलाशी अभियान अभी जारी है। आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान शनिवार तड़के 3.30 बजे से चल रहा था। उन्होंने सवालों के जवाब में कहा, 'अंदर फिलहाल कोई संदिग्ध आतंकवादी नहीं है। मैं तलाशी अभियान के पूरा होने तक कोई नकारात्मक रिपोर्ट नहीं दूंगा। तलाशी अभियान बुधवार को पूरा हो सकता है।'

रक्षा मंत्री ने ऐलान किया कि हमले के दौरान जिन सात सुरक्षाकर्मियों ने अपने प्राण न्यौछावर किए, उनको शहीद का दर्जा दिया जाएगा, जिससे वे युद्ध जैसे हालात में जान गंवाने की स्थिति में मिलने वाले फायदे पाने के हकदार होंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के पास 40-50 किलोग्राम गोलियां, मोर्टार थे। मोर्टार को वे 'अंडर-बैरेल ग्रेनेड लॉन्चर' से चला रहे थे। उनके पास कुछ मैगजीन भी थी।

सवालों के जवाब में पर्रिकर ने कहा, 'मैं कुछ कमियां देखता हूं। परंतु मुझे नहीं लगता कि सुरक्षा से कोई समझौता हुआ है। एक बार जांच पूरी होने के बाद चीजें साफ हो जाएंगी।' इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के हर विवरण के बारे में चर्चा नहीं की जा सकती और कुछ बातें जांच के लिए छोड़िए। पर्रिकर ने कहा कि उन्हें इसको लेकर चिंता है कि आतंकवादी कैसे वायुसेना अड्डे के भीतर घुस गए जिसकी परिधि 24 किलोमीटर है और जो करीब 2,000 एकड़ में फैला है। उन्होंने कहा कि गरुड़ कमांडो को छोड़कर कोई भी प्रत्यक्ष अभियान में नहीं मारा गया।

पर्रिकर ने कहा, 'डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प के पांच कर्मियों की जान बहुत हद तक बदकिस्मती के कारण गई।' आतंकवाद विरोधी अभियान को 'बहुत मुश्किल' करार देते हुए उन्होंने कहा कि सभी संपत्तियां (रणनीतिक और इमारतें) तथा परिवार सुरक्षित हैं। सिर्फ उस इमारत को नुकसान पहुंचा है जिसमें आतंकवादी थे। उन्होंने सेना, वायुसेना और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के साझा प्रयासों की सराहना की और कहा कि उन्हें भविष्य में साझा प्रशिक्षण लेना चाहिए।

 
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