दृष्टिबाधित बच्चों ने राज्यपाल को अभिभूत किया

दृष्टिबाधित बच्चों ने राज्यपाल को अभिभूत किया

लखनऊ: राजभवन में आज संस्था नेशनल एसोसिएशन फाॅर ब्लाइंड, लखनऊ द्वारा सर लुईस ब्रेल के जन्म दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बच्चों ने गणेश वन्दना, लोकगीत, कव्वाली व नाटक प्रस्तुत किया। दृष्टिबाधित बच्चों ने कव्वाली ‘मिलाओ कन्धे से कन्धा, नजर उठाकर चलों‘, ‘अलग-अलग न चलो, कदम मिलाकर चलो‘ प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का मनमोह लिया। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के पश्चात् पुरस्कार स्वरूप संस्था को एक लाख रूपये देने की घोषणा की। 

राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एक दृष्टि से देखा जाए तो सम्पूर्ण कार्यक्रम दृष्टिहीन बच्चों ने प्रस्तुत किया है। हमें दृष्टि होने के बावजूद एक नयी दृष्टि देखने को मिली है। उन्होंने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से राजभवन की शोभा बढ़ाने का काम हुआ है। गये साल दोनों हाथों से अक्षम श्रीमती कामिनी श्रीवास्तव की पुस्तक का लोकार्पण एवं कुष्ठ पीडि़तों द्वारा अक्षय तृतीया के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन राजभवन में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राजभवन केवल खास लोगों के लिए ही नहीं बल्कि आम लोगों के लिए भी खुला है।

श्री नाईक ने संस्था द्वारा प्राप्त प्रत्यावेदनों पर आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे तथा संस्था का निवेदन संबंधित को भेज दिया जायेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कुष्ठ पीडितों का निर्वहन भत्ता रूपये 2,500 प्रतिमाह कर दिया है। महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर निर्वहन भत्ता वितरण करने के लिए राजभवन में एक कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जब मुख्यमंत्री से दृष्टिबाधित बच्चों के सहायतार्थ बात होगी तो वे निश्चित रूप से कुछ न कुछ जरूर करेंगे।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैन ने दिया। इस अवसर पर अनेक संस्थाओं ने भी दृष्टिहीन बच्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।

Lucknow, Uttar Pradesh, India