अफगानिस्तान में भारतीय कॉन्सुलेट पर आतंकी हमला

अफगानिस्तान में भारतीय कॉन्सुलेट पर आतंकी हमला

दो आतंकवादी मारे गए, फायरिंग जारी 

नई दिल्ली : अफगानिस्तान स्थित भारतीय कॉन्सुलेट पर आतंकी हमला होने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आतंकवादियों ने मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय कॉन्सुलेट में दाखिल होने की कोशिश। कॉन्सुलेट के बाहर फायरिंग अभी भी चल रही है। आईटीबीपी भारतीय वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा करता है। हमले में हक्कानी नेटवर्क के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। अफगानिस्तान की स्पेशल फोर्स मजार-ए-शरीफ पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है जबकि तीन आतंकवादी दूतावास के बाहर एक घर में छिपे हुए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आतंकवादी वाणिज्य दूतावास में दाखिल नहीं हो पाए हैं। पीएम मोदी अभी हाल में मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ लोगों का कहना है कि पांच से छह आतंकियों ने दूतावास पर हमला किया। जबकि कुछ का कहना है कि दो आतंकवादी मारे गए हैं। मजार-ए-शरीफ अफगानिस्तान की तीसरा बड़ा शहर है और यह काबुल से करीब 425 किलोमीटर दूर है। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि दूतावास पर हुए हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

दूतावास में महा वाणिज्य दूत बी सरकार ने कहा, ‘सभी सुरक्षित हैं।’ उत्तरी अफगान के इस शहर में मिशन की सुरक्षा तीन भारतीय जवान करते हैं।

सरकार ने कहा कि गोलीबारी करीब 20 मिनट चली। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने किसी पास की इमारत से गोलियां चलाईं लेकिन कोई वाणिज्य दूतावास के अंदर नहीं घुस सका।’ वाणिज्य दूतावास के एक अज्ञात भारतीय अधिकारी के हवाले से एएफपी ने कहा, ‘हम पर हमला किया गया है। लड़ाई जारी है।'

दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। उसका कहना है कि विस्तृत जानकारी का इंतजार है। आज का हमला युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में भारतीय परिसंपत्तियों पर यह एक और हमला है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सुरक्षा बल और पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ दूसरे दिन भी जारी है।

फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह घटना ऐसे समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को संक्षिप्त दौरे पर काबुल आए थे और इस दौरान उन्होंने भारत द्वारा बनाई गई अफगान संसद की नई इमारत का उद्घाटन किया था।