प्रदेश में महिला उत्पीड़़न के आंकड़े चिंताजनक: हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव

प्रदेश में महिला उत्पीड़़न के आंकड़े चिंताजनक: हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की टिप्पणी को चिंताजनक बताया है। प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने देश भर में महिला उत्पीड़न में पुलिस उदासीनता के कुल लगभग साढे़ पांच हजार मामले सामने आए है जिनमें तीन हजार सात सौ पुलिस उदासीनता मामले केवल उ0प्र0 के है। भाजपा प्रदेश प्रक्वता ने कहा कि महिला सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बाते करने वाली उ0प्र0 की सपा सरकार की महिला सुरक्षा की बैलेन्ससीट बेहद खराब।

हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक जनवरी 2015 से लकर अक्टूबर 2015 तक उ0प्र0 से महिला आयोग 5783 शिकायते प्राप्त हुई तथा महिलाओं के साथ हिंसा के 2160 शिकायते जो अन्य राज्यों से प्राप्त शिकायतों की अपेक्षा दो गुना से भी अधिक है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की पुलिस प्रशासन की कार्यशैली का आंकलन इस बात से ही लगाया जा सकता है कि नोएडा में तैनात महिला पुलिस इस्पेक्टर ने ही पुलिसकर्मी पर वसूली का आरोप लगाया है। कुछ माह पहले इसी तरह की घटना हजरतगंज कोतावाली में पैसे के लेन-देन को लेकर पुलिए कर्मियों में आपस में ही मारपीट हुई थी।

हरिश्चन्द्र श्रीवास्वत ने उ0प्र0 के संवेदनसील मुख्यमंत्री से सवाल किया आखिर उ0प्र0 पुलिस की कार्यशैली में गुणात्मक बदलाव कब और कैसे आयेगा ? उन्होनंे का कि मुख्यमंत्री जी स्वयं यह महसूस करते है कि वर्दी पहनते ही पुलिस कर्मियों के व्यवहार बदल जाते है जिसकी अभिव्यक्ति उन्होनंे स्वयं एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की थी उसके बाद पुलिस प्रशासन को जबावदेह बनाने के लिए आखिर क्या कदम उठाये गये ?

हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि बहराइच के बौड़ी क्षेत्र में बेटी से रेप की शिकायत दर्ज कराने गई महिला की थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जाती और अपराधियों का दुःसाहस यह कि रेप पीडि़ता का माँ के साथ भी गैंग रेप करते है भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार के मुखिया से सवाल किया कि बेटी व माँ के साथ हुए इस जघन्य अपराध के प्रति शिथिलता बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने अब तक क्या कार्यवाही की ?

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध अत्यन्त चिन्ता का विषय है और उससे भी अधिक चिन्ता का विषय पुलिस प्रशासन की घटनाओं के प्रति संवेदनहीनता है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India