अकबरूद्दीन ओवैसी की गिरफ्तारी का आदेश

अकबरूद्दीन ओवैसी की गिरफ्तारी का आदेश

किशनगंज (बिहार): चुनावी रैली के दौरान कथित भड़काउ भाषण देने के लिए विवादास्पद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलीमीन (एआईएमआईएम) के विधायक अकबरूद्दीन ओवैसी के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया गया है। सोमवार को किशनगंज जिले की कोचाधमन पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद किशनगंज के पुलिस अधीक्षक राजीव रंजन ने ओवैसी के खिलाफ यह आदेश जारी किया। एमआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरूद्दीन तेलंगाना में विधायक हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया पूछी जाने पर असदुद्दीन ने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा कि यह मामला पार्टी की कानूनी टीम द्वारा देखा जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी की कानूनी टीम प्राथमिकी की प्रमाणित प्रति हासिल करने की कोशिश कर रही है और यह उनपर निर्भर है। इसके हिसाब से ही वे कदम उठाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसपर टिप्पणी नहीं करना चाहता कि किस तरह की भाषा इस्तेमाल की जानी चाहिए ओर किस तरह की नहीं। गुजरात में 3000 लोग मारे गए और तत्कालीन मुख्यमंत्री कुछ भी करने में विफल रहे। कोई भी उसे भुला नहीं सकता।’ ओवैसी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, पार्टी की कानूनी मामलों की टीम इससे निपटेगी।

जब उनसे पूछा गया कि बिहार पुलिस अकबरूद्दीन की गिरफ्तारी के लिए हैदराबाद जाएगी या उनके किशनगंज आने का इंतजार करेगी, तब पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘ये जानकारियां प्रक्रिया से जुड़ी हैं और मैं इन्हें साझा नहीं कर सकता।’ एआईएमआईएम के नेता के खिलाफ अपराध दंड संहिता की धारा 144 और भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए और 188 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

धारा 153 ए धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी भड़काने और सदभाव के लिहाज से हानिकारक काम करने से जुड़े मामलों पर लागू होती है। जबकि धारा 188 किसी जनसेवक द्वारा प्रचारित आदेश की अवहेलना से जुड़ी है। अकबरूद्दीन ने रविवार को कोचाधमन विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सोंथा हाट में एक चुनावी सभा को संबोधित किया था।

अकबरूद्दीन ने अपने बड़े भाई असदुद्दीन ओवैसी के अलावा सभी सांसदों के खिलाफ कथित तौर पर भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने भाजपा नेताओं के खिलाफ भी कथित तौर पर भड़काउ टिप्पिणयां कीं। एआईएमआईएम विधायक के खिलाफ मामला ऐसे समय पर दर्ज किया गया है, जब पांच अक्तूबर की सुबह दो मंदिरों में मूर्तियां टूटी मिलने के बाद शहर में तनाव पैदा हो गया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि पुलिस इस बात की जांच करेगी कि शहर के दो मंदिरों में मूर्तियों को नुकसान क्या उनके भाषण का नतीजा है?

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