ललित मोदी से मुलाकात के मुद्दे पर कांग्रेस ने माँगा स्पष्टीकरण

ललित मोदी से मुलाकात के मुद्दे पर कांग्रेस ने माँगा स्पष्टीकरण

नई दिल्‍ली : कांग्रेस ने बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ एक बार फिर वाकयुद्ध छेड़ दिया। पार्टी ने सुषमा से मांग की है कि वह ललित मोदी से मुलाकात के मुद्दे पर स्पष्टीकरण दें। ललित मोदी को मदद पहुंचाने का विवाद फिर गरमा गया है। मीडिया की कुछ रिपोर्टों के अनुसार, सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल को ललित मोदी ने नौकरी का ऑफर दिया था। ललित की कंपनी इंडोफिल में निदेशक बनाने का ऑफर ललित मोदी ने स्वराज कौशल को दिया था। हालांकि स्वराज कौशल ने इस ऑफर को ठुकरा दिया।

उधर, कांग्रेस ने ललित मोदी मामले में ताजा इस खुलासे के बाद आज पीएम नरेंद्र मोदी से तुरंत सुषमा स्‍वराज को बर्खास्‍त करने की मांग की। कांग्रेस प्रवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अब इस बात को दर्शाने के लिए ठोस साक्ष्‍य सामने हैं कि ललित मोदी ने विदेश मंत्री के एक नजदीकी रिश्‍तेदार को जॉब ऑफर किया था। उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि इन खुलासों के बाद क्‍या अब यह उनके बीच सीधी सांठगांठ का प्रमाण नहीं है। गौर हो कि स्वराज कौशल ललित मोदी के करीब 20 साल पुराने वकील रहे हैं। सुषमा और स्वराज कौशल की बेटी बांसुरी भी ललित मोदी के लिए केस लड़ चुकी हैं।

उधर, ललित मोदी प्रकरण में सरकार की समस्याओं में इजाफा करते हुए कांग्रेस ने उसके समक्ष छह और मांग रखे जिसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और ब्रिटेन के भारत स्थित उच्चायुक्त जेम्स बेवन के बीच हुई बैठक का ब्यौरा सार्वजनिक करना शामिल है जिसमें कहा गया है कि सुषमा ने ललित मोदी को यात्रा से जुड़ा दस्तावेज प्रदान करने का पक्ष लिया था। कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री से यह भी जानना चाहती है कि क्या किसी केंद्रीय मंत्री के किसी रिश्तेदार को हाल में ललित मोदी से नौकरी की कोई पेशकश की गई थी। इस मामले में सभी जानकारियों का खुलासा करने पर जोर देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि सुषमा स्वराज ने स्‍वयं स्वीकार किया कि ब्रिटिश उच्चायुक्त के साथ बैठक हुई थी। उन्होंने संवाददाताओं से  कहा कि बैठक के ब्यौरे में ललित मोदी के लिए मदद मांगने की बात दर्ज है। यह विदेश मंत्रालय में है और इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सुरजेवाला ने मांग की कि सुषमा स्वराज का इस मामले में बेवन या ब्रिटिश विदेश मंत्री के साथ किसी तरह के संवाद को जारी किया जाना चाहिए।