मन की बात में मोदी ने थपथपाई खुद की पीठ

मन की बात में मोदी ने थपथपाई खुद की पीठ

कहा, जो 60 सालों में ना हो पाया हमने एक साल में कर दिखाया 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो शो "मन की बात" में कहा कि, 60 सालों में जो ना हो पाया हमने उसे एक साल में करने का साहस जुटाया है। स्कूलों में टॉयलेट बनाने का लक्ष्य हमने लगभग पूरा किया। पिछले महीने हमने तीन जन सुरक्षा की योजनाओं की शुरूआत की, जिसमें 10 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। हम कोशिश करें की बहनों को जन सुरक्षा की योजनाओं से जोड़ा जाए।

प्रधानमंत्री ने मन की बात में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस पर बात की। उन्होंने कहा कि, भारत विविधता से भरा देश है। 21 जून को हुआ अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मेरे मन को आंदोलित कर गया। विदेशों में कई प्रमुख शहरों में लोग योग करते देखे गए। दुनिया ने योग को सम्मानित किया। दुनिया के हर देश में योग के जरिए सूर्य का स्वागत हुआ। बान की मून को योग करते देख खुशी हुई। हालांकि मोदी ने ललित मोदी विवाद पर कुछ भी नहीं कहा।

पीएम मोदी ने कहा कि, राजपथ योगपथ बन गया। सेना के जवानों ने भी योग दिवस में हिस्सा लिया। योग सच्चे अर्थ में दुनिया को जोड़ने का कारण बना। हमे दुनिया को अपने बारे में बताना चाहिए। हम विश्व को अपने परिवार के मूल्यों के बारे में बताएंगे तो उन्हें आश्चर्य होगा। ऑनलाइन योग एक्टिविटी पर काम करे युवा। आयुष विभाग की तरफ कभी किसी का ध्यान नहीं गया। छोटे से आयुष विभाग ने योगा दिवस के दिन लीड किया।मानसून को लेकर भी पीएम मोदी ने अपने "मन की बात" कही। उन्होंने कहा कि, बारिश हमारे जीवन को ताकत देती है। हमें बूंद-बूंद पानी बचाने की कोशिश करनी चाहिए। बारिश के पानी को जमा करने का काम किया। युवा इस बारिश के मौसम में पौधा लगाने का काम करे। बारिश के मौसम में कई तरह की बिमारियां भी होती है। पौधे के पास एक मिट्टी का घड़ा भी रख दें और उसमें पानी डालते रहे। बारिश के मौसम सफाई रखें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा बंधन के त्योहार पर भाइयों को अपनी बहनों की रक्षा के लिए जन सुरक्षा योजना को उपहार के रूप में देने की अपील की है और अपनी बेटी के साथ सेल्फी खींचकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।

उन्होंने किा कि अगस्त में रक्षा बंधन का त्योहार आता है। हम सभी देशवासी इस त्योहार के पहले एक जबर्दस्त जन आंदोलन खड़ा करके माताओं -बहनों को इस योजना का लाभ दें और 12 रूपये वाली या 330 रूपये वाली जनसुरक्षा योजना बहनों को उपहार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्यों न हम रक्षाबंधन के पर्व को एक लक्ष्य मान कर दो करोड़, पांच करोड़, सात करोड़, 10 करोड़ देखें तो सही ,कितनी बहनों तक हम ये लाभ पहुंचा सकते हैं।"

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