हैरतअंगेज! सिर्फ़ 19 दिनों में 57 मंजिला इमारत का निर्माण

हैरतअंगेज! सिर्फ़ 19 दिनों में 57 मंजिला इमारत का निर्माण

दक्षिणी चीन के शहर चांग्शा के बाहरी इलाके में एक नई इमारत बन कर तैयार हुई है|  यह सिर्फ 204 मीटर ऊंची इमारत है जो शंघाई की सबसे ऊंची इमारत की एक तिहाई ऊंचाई से भी कम है| इसकी बनावट ऐसी है कि शायद ही कोई आर्किटेक्चर से जुड़ा अवॉर्ड जीत पाए लेकिन चौंकाने वाली बात है इस इमारत के बनने की गति| केवल 19 दिनों में इस इमारत की 57 मंजिल तैयार की गई हैं|

इसके निर्माण के वीडियो से पता चलता है कि केवल एक दिन में ही इसकी तीन मंजिल तैयार कर ली जाती थी| इस इमारत को बनाया है ज़ैंग उइ ने| उनका मानना है कि यह तो अभी सिर्फ एक शुरुआत भर है| उनकी निर्माण कंपनी का नाम है ब्रॉड ग्रुप| उनकी कंपनी के हैंडबुक में कहा गया है, "इंसान ने उद्योग, कृषि, यातायात और सूचना के क्षेत्र में क्रांति देखी है लेकिन अभी तक इमारत बनाने के क्षेत्र में नहीं|"

ज़ैंग जोर देकर कहते हैं कि यह मॉड्यूलर क्रांति होगी, मिनी स्काई सिटी नाम की इस इमारत को हज़ारों फैक्ट्री-निर्मित मॉड्यूल्स को खांचेनुमा ढांचे में एक साथ सजाकर तैयार किया गया है| ज़ैंग का कहना है कि इस तरकीब से ना ही सिर्फ तेज़ गति से इमारत का निर्माण संभव है बल्कि यह तरकीब सुरक्षित और सस्ती भी है| अब वे चाहते हैं कि 'मिनी' की बजाए इस तरकीब की मदद से आसमान से बात करती दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'स्काई सिटी' बनाए|

अभी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड दुबई की 'बुर्ज खलीफ़ा' के नाम है जो 828 मीटर ऊंची है, इसे बनाने में पांच साल का वक्त लगा था| लेकिन ज़ैंग का कहना है कि उनकी प्रस्तावित 220 मंज़िला 'वर्टिकल सिटी' बनाने में सिर्फ सात महीने लगेंगे| चार महीने इसके आधार को खड़ा करने में और तीन महीने इसकी टावर बनाने में और यह बुर्ज खलीफा से 10 मीटर ज्यादा ऊंची होगी|  लेकिन सिर्फ यही काफी नहीं है, ज़ैंग की भविष्य को लेकर योजना है कि उनकी कंपनी दुनिया की एक तिहाई इमारतों का निर्माण करे, और वे सभी मॉड्यूलर और स्टील की मदद से बनी हो और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली ना हो| वो कहते हैं, "आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद या विश्व युद्ध नहीं है बल्कि जलवायु परिवर्तन है| "

17 फ़रवरी 2015 को मिनी स्काई सिटी की छत बनकर तैयार हुई तो इसने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा|

कुछ लोगों को लगता है कि निर्माण की इस तेज़ प्रक्रिया ने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इतनी तेज़ी से बनाया गया निर्माण कार्य सुरक्षित हो सकता है? इस पर ज़ैंग का कहना है कि सुरक्षा एक ऐसा सवाल है जिसकी वजह से मैं सात साल पहले इमारत बनाने के काम में कदम रखा|