अनुना एजूकेशन का ईबे इंडिया के साथ गठबंधन

अनुना एजूकेशन का ईबे इंडिया के साथ गठबंधन

ईएंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम लाॅन्च किया

लखनऊ: अनुना एजूकेशन ने 1.1 लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य के साथ आज ईबे इंडिया के सहयोग से अपने ईएंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के लाॅन्च की घोषणा की।

इस अवसर पर अनुना एजुकेशन के संस्थापक और सीईओ अमित इकबाल श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘अनुना एजूकेशन भारतीय कौशल विकास के परिदृश्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ‘प्रबंधकीय व उद्यमितापूर्ण कौशलों’ को उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ 

मुख्य परिचालन अधिकारी, अनुना एडुकेशन रुबी श्रीवास्तव ने  कहा,  हमारा कार्यक्रम प्रथम पीढ़ी के साथ ही साथ परिवार व्यवसाय उद्यमियों को प्रशिक्षित, धन राशि उपलब्ध कराने के लिए विशेष रुप से डिजाइन किया गया है, ताकि उन्हें अपनी क्षमताओं का लाभ उठाने में सहायता की जा सके।’’

अनुना एजूकेशन के ईएंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम, एनएसडीसी व एमएसएमई के अंतर्गत प्रमाणित, को 6 माह फास्ट ट्रैक एवं 1 वर्ष के अतिरिक्त कोर्स के रुप में पेश किया गया है। कार्यक्रम के हिस्से के रुप में अनुना एजूकेशन ईबे इंडिया के सहयोग से उदीयमान उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर ईबे पर अपने उत्पादों की बिक्री के लिए प्रशिक्षित करेगा।  राज्य मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने कार्यक्रम को लाॅन्च करते हुए कहा , ‘‘उत्तर प्रदेश के लोगों में उद्यमिता का सहजात गुण विद्यमान है। हमें अनुना एजूकेशन और ईबे इंडिया जैसी अन्य कंपनियों की आवश्यकता है, जो एक साथ एकत्रित हो कर एक प्रणाली का विकास करें और जो राज्य में उद्यमशीलता  के विकास के समान लक्षणों से मेल खा सकें। राज्य सरकार पहले से ही कौशल विकास प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा अब लोगों के समक्ष स्व-रोजगार हासिल करने का अतिरिक्त मंच उपलब्ध होगा।’’

ईबे इ ंडिया  के हेड रीटेल एक्सपोर्ट ए ंड  लाइफस्टाइल कटेगरीज नवीन मिस्त्री ने कहा, ‘‘ईबे इंडिया ने सभी आकार के 65,000 व्यापारियों के लिए व्यवसायों को उपलब्ध कराया है तथा हमारा यह निरंतर प्रयास रहा है कि हम विक्रेता आधार का विस्तार करें। लेकिन कौशल की व्यापक रिक्तता ईकाॅमर्स उद्योग की वृद्धि में एक बड़ी अड़चन है। हम यह आशा करते हैं कि अनुना एजूकेशन एवं ईएंटरपे्रन्योरशिप कार्यक्रम की साझेदारी के माध्यम से हम न सिर्फ एक रोजगारयोग्य कार्यदल का निर्माण करेंगे, बल्कि ‘मेक इन इंडिया‘ अभियान में भी योगदान देंगे।’’