फतुल्लाह टेस्ट: धवन का सैकड़ा, मुरली का पचासा

फतुल्लाह टेस्ट: धवन का सैकड़ा, मुरली का पचासा

पहले दिन विकेट को तरसे बांग्लादेशी गेंदबाज, भारत के बिना विकेट  गंवाए 239 रन  

फतुल्लाह : सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के शानदार शतक और मुरली विजय के साथ उनकी पहले विकेट की 239 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन बिना विकेट खोए 239 रन बनाए।

सिडनी टेस्ट में शतक जड़ने वाले लोकेश राहुल के बीमार होने से मिले मौके का पूरा फायदा उठाते हुए धवन ने शुरूआत से ही दबदबा बनाते हुए 158 गेंद में 21 चौकों की मदद से नाबाद 150 रन की पारी खेली। सलामी बल्लेबाज विजय ने धवन का अच्छा साथ निभाते हुए विपरीत अंदाज में 178 गेंद में नाबाद 89 रन बनाए। आज हुए 56 ओवर के खेल में भारतीय सलामी बल्लेबाजों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा जिससे कप्तान विराट कोहली का टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला सही साबित हुआ।

धवन और विजय ने टेस्ट क्रिकेट में दूसरी बार 200 रन से अधिक की साझेदारी की है। इससे पहले इन दोनों ने 2013 में मोहाली में 289 रन की साझेदारी की थी। दोनों बल्लेबाजों ने शुरू से ही सकारात्मक गेंदबाजी की और मेजबान टीम के गेंदबाजों के खिलाफ आसानी से रन जुटाए।

धीमी और सपाट पिच पर बांग्लादेश की स्पिनरों की चौकड़ी को परेशानी का सामना करना पड़ा। साकिब अल हसन (नौ ओवर में बिना विकेट के 34 रन), तैजुल इस्लाम (12 ओवर में बिना विकेट के 55 रन), शुवागता होम (13 ओवर में बिना विकेट के 47 रन) और जुबेर हुसैन (सात ओवर में बिना विकेट के 41 रन) भारतीय गेंदबाजों को स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी करने से रोकने में नाकाम रहे।

धवन को हालांकि पारी के 24वें ओवर में बारिश के व्यवधान से पहले जीवनदान मिला जब बायें हाथ के स्पिनर तैजुल की गेंद पर शुवागता ने शार्ट मिड विकेट पर उनका आसान कैच टपका दिया। बायें हाथ के बल्लेबाज धवन इस समय 73 रन बनाकर खेल रहे थे। बारिश के कारण लगभग चार घंटे तक खेल रूका रहा। खेल दोबारा शुरू होने पर एक बार फिर दोनों बल्लेबाज लय में दिखे। विजय ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शाहिद पर चौके के साथ अर्धशतक पूरा किया।

धवन ने तैजुल पर चौके के साथ 90 रन के स्कोर को पार किया। इसके बाद धवन कुछ धीमे पड़ गए लेकिन जुबेर पर चौके साथ उन्होंने अपना तीसरा टेस्ट शतक पूरा किया। दूसरी तरफ विजय ने धीमी शुरूआत की। धवन ने शुवागता पर चौके के साथ जब सिर्फ 47 गेंद में अर्धशतक पूरा किया तब वह सिर्फ 11 रन बनाकर खेल रहे थे। वह हालांकि दिन का खेल आगे बढ़ने के साथ लय में आ गए और उन्होंने कुछ आकर्षक शाट लगाए।

मेजबान टीम का चार विशेषज्ञ स्पिनरों और एकमात्र तेज गेंदबाज के साथ उतरने का फैसला गलत साबित हुआ और धवन को रन बटोरने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने शाहिद की शार्ट गेंदों को आसानी से पुल किया जब स्पिनरों पर भी आसानी से रन बटोरे।

धवन ने पारी के चौथे ओवर में सौम्य सरकार की गेंद को कवर ड्राइव से चार रन के लिए भेजकर पारी का पहला चौका जड़ा। उन्होंने इसके बाद शाहिद की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। दिल्ली के बायें हाथ के बल्लेबाज धवन ने शुवागता का स्वागत लगातार दो चौकों के साथ किया।

विजय ने हालांकि स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी और एक छोर संभाले रखा। धवन ने जब शुवागता की गेंद पर लेट कट से चौका जड़कर अर्धशतक पूरा किया तो कप्तान कोहली और टीम निदेशक रवि शास्त्री ने भी तालियां बजाकर उनके प्रदर्शन की सराहना की। बांग्लादेश के मुख्य स्पिनर साकिब पहले स्पैल के दौरान प्रभावी नहीं दिखे और उन्होंने कई ढीली गेंद फेंकी। उनकी फुलटास को विजय ने चार रन के लिए भी भेजा।

अपने सबसे तेज गेंदबाज रूबेल हुसैन को बाहर बैठाने का फैसला बांग्लादेश पर भारी पड़ा क्योंकि अंतिम एकादश में शामिल एकमात्र तेज गेंदबाज शाहिद (बिना विकेट के 52 रन) के पास भारतीय सलामी जोड़ी को परेशान करने के लिए विविधता और गति नहीं थी।