प्ले ऑफ से डेविल्स बाहर, सनराइजर्स की रोमांचक जीत

प्ले ऑफ से डेविल्स बाहर, सनराइजर्स की रोमांचक जीत

रायपुर : मोएजेस हेनरिक्स की साहसिक पारी और बाद में डेथ ओवरों में गेंदबाजों के जोरदार प्रदर्शन से सनराइजर्स हैदराबाद ने शनिवार को यहां दिल्ली डेयरडेविल्स पर छह रन से रोमांचक जीत दर्ज करके आईपीएल आठ के प्लेआफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर दिया। हेनरिक्स ने 46 गेंदों पर नाबाद 74 रन बनाये जिसमें एक चौका और पांच छक्के शामिल हैं। उन्होंने रवि बोपारा के साथ पांचवें विकेट के लिये 64 रन की अटूट साझेदारी की। इसमें बोपारा का योगदान नाबाद 17 रन था।

हेनरिक्स की बदौलत सनराइजर्स ने आखिरी नौ ओवर में 99 रन जुटाये जिससे वह चार विकेट पर 163 रन बनाने में सफल रहा। इसके जवाब में क्विंटन डि काक (31 गेंद पर 50 रन) के अर्धशतक के बावजूद बीच में छह रन के अंदर तीन विकेट गंवाने से डेयरडेविल्स की टीम बैकफुट पर चली गयी लेकिन केदार जाधव ने यहां से 34 गेंदों पर नाबाद 63 रन की पारी खेली और सौरभ तिवारी (नाबाद 26) के साथ पांचवें विकेट के लिये 91 रन की अटूट साझेदारी की। ये दोनों हालांकि आखिरी तीन ओवरों में अपेक्षित रन नहीं बना पाये जिसमें डेयरडेविल्स को 29 रन की दरकार थी।

दिल्ली की टीम आखिर में चार विकेट पर 157 रन ही बना पायी। सनराइजर्स की यह 11 मैचों में छठी जीत है और इससे उसके 12 अंक हो गये हैं। सनराइजर्स ने इससे प्लेआफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को पंख लगाये। वह अब अंकतालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। दूसरी तरफ डेयरडेविल्स की अंतिम चार में स्थान सुनिश्चित करने की रही सही उम्मीद भी समाप्त हो गयी। उसके 12 मैचों में केवल आठ अंक हैं।

डेयरडेविल्स को एल्बी मोर्कल को ऊपरी क्रम में नहीं भेजने का खामियाजा भुगतना पड़ा लेकिन जब जाधव और तिवारी ने मोर्चा संभाला तब डिकाक के अर्धशतक के बावजूद विकेट बचाना उसकी प्राथमिकता था। इस सत्र में अपना पहला मैच खेल रहे डि काक ने डेयरडेविल्स को तेजतर्रार शुरूआत दिलायी। उन्होंने शुरू से ही अपने कट, ड्राइव और पुल करने के अपने कौशल का अच्छा नजारा पेश किया। डिकाक ने इशांत पर पहले दो चौके और उनके अगले ओवर में दो चौके और फाइन लेग पर छक्का लगाया। इस बीच उन्होंने प्रवीण के एक ओवर में तीन चौके जड़े।

डिकाक ने 29 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके तुरंत बाद कर्ण शर्मा (12 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर स्टंप आउट हो गये। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। युवराज सिंह (दो) ने परवेज रसूल को अपना विकेट इनाम में दिया जबकि कर्ण ने कप्तान जे पी डुमिनी (12) की गिल्लियां बिखेरी। इससे स्कोर एक विकेट पर 60 रन से चार विकेट पर 66 रन हो गया। तिवारी और जाधव ने स्थिति संभालने का अच्छा प्रयास किया। तिवारी ने कर्ण की गेंद छह रन के लिये भेजी तो जाधव ने रवि बोपारा पर तीन चौके लगाये। प्रवीण जब अपना दूसरा स्पैल करने आये तो जाधव ने उन पर दो छक्के और एक चौका जमाये। उन्होंने भुवनेश्वर पर चौका जड़कर केवल 24 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया लेकिन आखिरी तीन ओवरों में वह लंबे शाट खेलने में नाकाम रहे।

धवन ने जहीर खान की गेंद गलत टाइमिंग से फ्लिक करके एल्बी मोर्कल को कैच का अभ्यास कराया जबकि नाथन कूल्टर नाइल के अगले ओवर में मिडविकेट पर खड़े सौरभ तिवारी ने अपने सिर के उपर से निकल रही गेंद को कैच करके वार्नर की संक्षिप्त पारी का अंत किया। हेनरिक्स और इयोन मोर्गन (22) ने पारी संवारने का प्रयास किया लेकिन वे अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाये। दस ओवर के बाद स्कोर दो विकेट पर 62 रन था जो अगले ओवर में मोर्गन के आउट होने से तीन विकेट पर 64 रन हो गया। जयंत यादव की गेंद पर कूल्टर नाइल ने खूबसूरत कैच लेकर मोर्गन को पवेलियन भेजा।

कर्ण शर्मा (16) को ऊपरी क्रम में भेजा गया लेकिन कूल्टर नाइल ने उन्हें पिंच हिटर की भूमिका निभाने की इजाजत नहीं दी। हेनरिक्स ने हालांकि एक छोर संभाले रखा और 39 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने एल्बी मोर्कल पर लगातार दो छक्के जड़कर टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया और फिर जहीर की गेंद भी लांग आन के उपर से छह रन के लिये भेजी। डेयरडेविल्स की तरफ से कूल्टर नाइल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 25 रन देकर दो विकेट लिये। उनके अलावा आफ स्पिनर जयंत यादव और तेज गेंदबाज जहीर खान ने एक-एक विकेट हासिल किया।