चेन्नई ने पंजाब को रौंदा

चेन्नई ने पंजाब को रौंदा

चेन्नई : ब्रैंडन मैकुलम की अगुवाई में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से बड़ा स्कोर खड़ा करने वाले चेन्नई सुपरकिंग्स ने बाद में किंग्स इलेवन पंजाब की बल्लेबाजी की बखिया उधड़ेकर शनिवार को यहां एकतरफा मुकाबले में 97 रन की बड़ी जीत से आईपीएल आठ की अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

सलामी बल्लेबाज मैकुलम ने जीवनदान के बाद 44 गेंद पर 66 रन की पारी खेली जिसमें आठ चौके और तीन छक्के शामिल हैं। उन्होंने सलामी जोड़ीदार ड्वेन स्मिथ (13 गेंद पर 26 रन) के साथ 50 रन और सुरेश रैना (25 गेंद पर 29) के साथ दूसरे विकेट के लिये 66 रन की उपयोगी साझेदारियां की।

बाद में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (27 गेंद पर नाबाद 41) ने जिम्मेदारी संभाली जिससे टास जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे चेन्नई ने तीन विकेट पर 192 रन का दमदार स्कोर खड़ा किया। किंग्स इलेवन किसी भी समय लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में नहीं दिखा। आईपीएल में अपना 100वां मैच खेल रहे रविंद्र जडेजा (22 रन देकर तीन विकेट), रविचंद्रन अश्विन (14 रन देकर दो विकेट) और बेहतरीन फार्म में चल रहे तेज गेंदबाज आशीष नेहरा (16 रन देकर दो विकेट) के सामने उसके बल्लेबाज बगलें झांकते हुए नजर आये।

किंग्स इलेवन आखिर में नौ विकेट पर 95 रन तक ही पहुंच पाया। उसकी तरफ से मुरली विजय ने सर्वाधिक 34 रन बनाये। चेन्नई की यह छठे मैच में पांचवीं जीत है जिससे उसके राजस्थान रायल्स के बराबर दस अंक हो गये हैं। धोनी की टीम की रन गति बेहतर है और इसलिए वह रायल्स को शीर्ष से हटाने में सफल रही। किंग्स इलेवन को चौथी हार का सामना करना पड़ा और वह चार अंक के साथ तालिका में सबसे निचली पायदान पर खिसक गया है।

शान मार्श ने पिछले मैच में 65 रन बनाये थे और इसलिए जार्ज बेली के फिट होने पर भी वह टीम में बने रहे और ग्लेन मैक्सवेल को बाहर होना पड़ा। नेहरा ने हालांकि आज मार्श (10) को जल्द ही पगबाधा आउट कर दिया। कप्तान बेली भी एक रन बनाकर जडेजा की गेंद पर विकेट के पीछे थमा गये जिससे स्कोर तीन विकेट पर 40 रन हो गया। जडेजा ने इसके बाद डेविड मिलर (तीन) को आते ही डग आउट में पहुंचाया जबकि अश्विन ने तमिलनाडु के अपने साथी मुरली विजय के संघर्ष पर विराम लगाकर दसवें ओवर में ही अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। दस ओवर के बाद किंग्स इलेवन का स्कोर 57 रन था और उसके चोटी के पांच खिलाड़ी आउट हो चुके थे।

अक्षर पटेल ने जडेजा पर छक्का जड़ा लेकिन धोनी ने जल्द ही अश्विन की गेंद पर उन्हें आगे बढ़कर खेलने का मजा चखा दिया। मिशेल जानसन (1) गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के बाद बल्लेबाजी में भी नाकाम रहे। रिद्विमान साहा (15) के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा था। नेहरा ने उन्हें आउट करके अपने खाते में एक और विकेट लिखवाया। इससे पहले स्मिथ और मैकुलम ने हमेशा की तरह चेन्नई को तूफानी शुरुआत दिलायी। इन दोनों ने पहले चार ओवरों में 47 रन बटोरकर धोनी के पहले बल्लेबाजी के फैसले को सही साबित करने की पूरी कोशिश की। स्मिथ फिर से मैकुलम से ज्यादा विस्फोटक अंदाज में खेले। उन्होंने लेग स्पिनर करणवीर सिंह के पारी के तीसरे ओवर में ही 22 रन बटोरे जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल हैं।

इससे रन गति पर असर पड़ा और अगले दो ओवरों में केवल सात रन बने जिससे चेन्नई पावरप्ले में 54 रन तक ही पहुंच पाया। अनुरीत का दूसरा ओवर महंगा साबित हुआ जिसमें 20 रन बने। जानसन के लिये कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा था। मैकुलम ने उनकी लगातार गेंदों पर चौका और छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। पटेल के अगले ओवर में उन्होंने रैना का हाथ में आया कैच छोड़ा।

रैना तब 13 रन पर खेल रहे थे लेकिन वह मैकुलम की तरह इसका खास फायदा नहीं उठा पाये और रन आउट होकर पवेलियन लौटे। मैकुलम उनसे पहले आउट हुए। उन्होंने फिर से गेंद में हवा में खेली और लांग आफ पर खड़े बेली ने जानसन जैसी कोई गलती नहीं की। धोनी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे थे। उन्होंने ढीली गेंद का इंतजार करने और उस पर लंबा शाट खेलने की रणनीति अपनायी। करणवीर और पटेल की ऐसी गेंदों को उन्होंने छक्के के लिये भेजा। जानसन पारी का 19वां ओवर करने आये जिसमें धोनी और जडेजा : नाबाद 18 : ने 17 रन बटोरे।