यूपी में बारिश और ओलावृष्टि आपदा घोषित

यूपी में बारिश और ओलावृष्टि आपदा घोषित

मुख्यमंत्री के आदेश से राहत कामों  में लगे अधिकारियों , कर्मचारियों के अवकाश निरस्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को आपदा घोषित करते हुए निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसान जो आपदा की परिभाषा में न आने के बावजूद अप्राकृतिक मृत्यु के शिकार हो गए हैं, उनके परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपए की वित्तीय मदद प्रदान की जाए। उन्होंने कृषि क्षति की व्यापकता तथा प्रदेश सरकार द्वारा जनपदों को दी गयी धनराशि और वित्तीय स्थिति के मदद्ेनजर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 1,000 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया है। प्रदेश में ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से प्रभावित 7 लाख 73 हजार किसानों अब तक 308 करोड़ रुपए की धनराशि का वितरण किया जा चुका है।

यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मण्डलायुक्तों व जिलाधिकारियों सहित राहत कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश को निरस्त करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को राहत पहुंचाने का कार्य किसी भी दशा में प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ओलावृष्टि, अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान किए जाने की कार्यवाही शीघ्र की जाए तथा राहत वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई जाएगी, तो सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपए की वित्तीय मदद मृतक किसान की फसल का नुकसान होने की स्थिति में दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा ऐसे किसानों के परिजनों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। 

प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को मात्र 13 हजार 500 रुपए प्रति हेक्टेयर का अधिकतम मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दे रही है। इसी प्रकार भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए न्यूनतम सहायता राशि 750 रुपए प्रति व्यक्ति है, जबकि राज्य सरकार के मुताबिक किसानों के लिए न्यूनतम सहायता राशि 1,500 रुपए प्रति व्यक्ति है। 

प्रवक्ता ने बताया कि आपदा की परिभाषा के अनुसार, मृत्यु होने की दशा में भारत सरकार 5 लाख रुपए की मदद कर रही है, जबकि राज्य सरकार 5 लाख रुपए के साथ-साथ 2 लाख रुपए अतिरिक्त, यानि कुल 7 लाख रुपए की मदद दे रही है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India