अटल को भारत रत्न मिलने पर भाजपा कार्यालय में जश्न

अटल को भारत रत्न मिलने पर भाजपा कार्यालय में जश्न

लखनऊ: देश, प्रदेश और लखनऊ का सौभाग्य है कि भारतीय राजनीति के पुरोधा व देश में सबसे र्निविवादित नेता को भारत रत्न मिला है। उक्त उद्गार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को भारत रत्न देने के समारोह के अवसर पर कही। डा0 बाजपेयी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि ऐसे युगपुरूष के साथ काम करने का अवसर मुझे भी प्राप्त हुआ। मा0 अटल बिहारी बाजपेयी केवल राजनेता ही नहीं थे बल्कि कवि, कुशल संगठक, प्रखर वक्ता भी थे। उनके नेतृत्व में भाजपा ने विपक्ष से लेकर केन्द्र की सरकार तक के सफर को पूरा किया। उनके नेतृत्व में देश की हनक-धमक पूरे विश्व में बढ़ी, देश परमाणु सम्पन्न राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा हुआ, देश में विकास दर बढ़ी, सड़कों का विस्तार हुआ, सामान्य जन को सस्ता मकान मुहैया हुआ।

डा0 बाजपेयी ने कहा कि वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने, जिनका कांग्रेस से कभी नाता नहीं रहा। साथ ही वह कांग्रेस के अलावा के किसी अन्य दल के ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। उनकी लोकप्रियता भी दलगत सीमाओं से परे है।

मा0 अटल बिहारी के व्यक्तिव के बारे में बोलते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कहा कि मा0 अटल बिहारी ने अपने कुशल संगठन क्षमता के बल पर पहले जनसंघ बाद में भाजपा का विस्तार कश्मीर से कन्या कुमारी तक किया। उन्होंने कहा कि माननीय बाजपेयी लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। श्री बंसल ने कहा कि अटल जी को भारत रत्न मिलने के आज भारतीय जनता पार्टी खुश है और अपने को सम्मानित महसूस कर रहा है।।

प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने बताया कि प्रदेश भर कार्यकर्ताओं में आज अपार खुशी का माहौल वह गौरवान्वित महसूस कर रहे है। प्रदेश मुख्यालय पर मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित के नेतृत्व में हनुमान चालीसा का पाठ, मिष्ठान वितरण और आतिशबाजी करके प्रसन्नता व्यक्त की गयी।

Lucknow, Uttar Pradesh, India