आरबीआई से मतभेद की बात जेटली ने नकारी

आरबीआई से मतभेद की बात जेटली ने नकारी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच मतभेद की बातों को दरकिनार करते हुए कहा कि दोनों के बीच किसी तरह से संपर्क का अभाव नहीं है और केन्द्रीय बैंककी ओर से ब्याज दरो में की गई कटौती का बैंको से पालन करने की उम्मीद है। जेटली ने वर्ष 2015- 16 के बजट में किए गए प्रावधानों पर रिजर्व बैंक के बोर्ड को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि सरकार और केन्द्रीय बैंक के बीच लगातार विचार विमर्श होता रहता है और सरकार अक्सर रिजर्व बैंक से सुझाव भी लेती रहती है। 

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के साथ निष्पक्ष और खुले माहौल में बातचीत होती है, इसिलए मतभेद का कोई सवाल ही नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसको वह लगातार स्पष्ट कर रहे हैं। बजट और वित्त विधेयक में किए गए प्रस्ताव अभी संसद के समक्ष है, इसिलए उन पर यहां बात करना उचित नही होगा। संसद में कुछ पर चर्चा हो चुकी है और अभी कुछ पर चर्चा होना बाकी है। इसके मद्देनजर वह उन पर कोई चर्चा करना नहीं चाहते है।

जेटली ने कहा कि सरकार और केन्द्रीय बैंक के बीच लगातार विचार विमर्श जारी रहता है। बजट से पहले और उसके बाद भी विचार विमर्श किया गया है। वित्त मंत्री ने सरकारी प्रतिभूतियों के कारोबार के नियमन को रिजर्व बैंक से लेकर पूंजी बाजार नियामक को देने का बजट में प्रस्ताव किया है। इसके मद्देनजर रिजर्व बैंक और सरकार के बीच मतभेद की खबरे आ रही थी और बजट पेश किये जाने के बाद से जेटली कई बार इस पर अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं। 

रिजर्व बैंक की ओर से चालू वर्ष में अब तक दो बार ब्याज दरो में की गई कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए बैंक पर दबाव बनाने के बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार दबाव नहीं डालती है, लेकिन यह उम्मीद की जाती है कि बैंक केन्द्रीय बैंक की नीतियों का पालन करेंगे। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरो में इस वर्ष अब तक आधी फीसदी की कटौती की जा चुकी है लेकिन ना तो सरकारी और ना ही निजी बैंक उसका लाभ उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। चुनिंदा बैंकों ने ही आधार दर में मामूली कमी की है।

जेटली ने इससे पूर्व रिजर्व बैंक के बोर्ड के साथ अगले वित्त वर्ष के बजट के साथ ही देश के आर्थिक हालात सहित विभिन्न मसलो पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर जेटली के साथ वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा , वित्त सचिव राजीव महर्षि , वित्तीय सेवाओं के सचिव हसमुख अधिया , विनिवेश सचिव आराधना जोहरी उपस्थित थे। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन, उप गवर्नर एच आर खान, डॉ. उर्जित पटेल, आर गांधी और एस एस मुंद्रा के अतिरिक्त केन्द्रीय बैंक के बोर्ड के सदस्य वाई एच मालेगाम , किरन एस कार्निक , डॉ. निचकेत मोर, दीपांकर गुप्ता, जी एम राव, ईला आर भट्ट, डॉ. इंदिरा राजारमन, वाई सी देवेश्वर और प्रोफेसर दामोदर आचार्य भी मौजूद थे। रिजर्व बैंक के केन्द्रीय बोर्ड की बैठक हर महीने पर होती है और यह बैठक मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में होती है।