बिजली चोरों पर मुख्यमंत्री मेहरबान क्यों : बीजेपी

बिजली चोरों पर मुख्यमंत्री मेहरबान क्यों : बीजेपी

लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आखिरकार बिजली चोरों पर इतने मेहरबान क्यों हैं? एक तरफ बिजली की कमी से आम जनता बेहाल है लेकिन सरकार ने बिजली चोरों को वीआइपी इलाकों में चोरी की खुली छूट दे रखी है। 

प्रदेश पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पार्टी प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव परिवार के गढ़ इटावा, मैनपुरी के अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ और बात बात पर ईमानदारी का ढोल पीटने वाले सपा सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री आजम खान के जिले रामपुर में 50 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी अकारण नहीं है। इन वीआइपी इलाकों में सरकार बिजली चोरों को हर संभव मदद दे रही है। अगर सपा सरकार वाकई में इन इलाकों में बिजली चोरी रोकने में संजीदा है तो वह अपने वरिष्ठ नेताओं के गढ़ में पिछले छह महीनों में बिजली चोरी के आरोप में जेल भेजे गए लोगों की सूची जारी करे। 

प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि सरकार लगातार बिजली की दर महंगी कर जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रही है जबकि बिजली चोरों की तरफ से मुंह फेर रखा है। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर अधिकारी भी मौज कर रहे हैं।

प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि पॉवर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने पिछले वर्ष 12 से 22 दिसंबर तक आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा कर बिजली चोरी रोकने और वितरण व्यवस्था मजबूत करने का अध्ययन किया था। लौटकर आकर इन्होंने घोषणा भी कि बिजली चोरी रोकने में नाकाम इंजीनियरों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रबंध निदेशक की घोषणा भी अबतक महज एक दिखावा ही साबित हुई। इनके दौरे के तीन महीने बीतने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। नतीजा यह होगा कि गर्मी की तीव्रता बढ़ते ही बिजली चोर तो मजे में रहेंगे और खमियाजा गरीब और आम जनता भुगतेगी।

प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में उपकेंद्र बनाने की योजना बनाई थी लेकिन अब तक आधे भी तैयार नहीं हो पाए हैं। पॉवर कार्पोरेशन के डायरेक्टर फाइनेंस ने प्रमुख सचिव, ऊर्जा को पत्र लिखकर मौजूदा सप्लाई व्यवस्था में दिक्कत आने की बात स्वीकारी है लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India