प्रधानमन्त्री ने विपक्ष को  किसान-गरीब विरोधी बताया

प्रधानमन्त्री ने विपक्ष को किसान-गरीब विरोधी बताया

खंडवा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को विकास और किसान-गरीब विरोधी करार देते हुए गुरूवार को किसानों का आह्वान किया कि वे विकास का विरोध करने वालों के खिलाफ उठ खड़े हों। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण कानून को विकास के लिए जरूरी बताया। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरूवार को सिंगाजी ताप विद्युत घर की एक इकाई का लोकार्पण और भूमिपूजन समारोह के मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास के लिए जमीन की जरूरत होती है, जिसके लिए वह भूमि अधिग्रहण संबंधी पिछले कानून में कुछ बदलाव लाना चाहते हैं, लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण वह ऎसा नहीं कर पा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि बीते 10 वर्षो तक जो सरकार रही उसने ऎसा कानून बनाया, जिससे सड़क, नहर, अस्पताल, स्कूल के लिए जमीन नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि किसानों और गरीबों के बच्चे स्कूलों में पढ़ सकें, उनके इलाज के लिए अस्पताल हों, सिंचाई के लिए नहर बने और रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, उन्हें रोजगार देने के लिए उद्योग स्थापित हों। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर वह पिछले भूमि अधिग्रहण कानून में कुछ बदलाव लाना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव में रहने वाले किसानों और गरीबों का विकास हो, उन्हें सुविधाएं मिले, इसके लिए जमीन की जरूरत है, क्योंकि अस्पताल, नहर, स्कूल, उद्योग आदि आसमान पर तो स्थापित हो नहीं सकते। वह चाहते हैं कि गांव के लोगों को उसके गांव के करीब ही सबकुछ मिल जाए, यह तभी संभव है जब जमीन उपलब्ध होगी। राज्यसभा में संख्या बल कम होने का हवाला देते हुए प्रधानमंंत्री मोदी ने कहा कि सदन में उनके पास बहुमत नहीं है, विरोध करने वाले यह नहीं बताते कि कानून में क्या सुधार करना चाहिए, वे तो सिर्फ विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने विपक्षियों से कहा कि वे बहुमत के बल पर विकास में बाधा नहीं डालें। उनके विरोध के कारण किसानों-गरीबों के बच्चों के लिए स्कूल नहीं बन पाएंगे, अस्पताल नहीं बन पाएंगे, नहर नहीं बनेगी, रोजगार नहीं मिलेगा, लिहाजा जरूरी है कि किसान विकास का विरोध करने वालों और उन्हें गुमराह करने वालों के खिलाफ उठ खडे हों। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गोयल, राज्य के उर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेता भी मौजूद थे।