प्रशांत-योगेन्द्र को पीएसी से निकाले जाने पर मयंक हैरान

प्रशांत-योगेन्द्र को पीएसी से निकाले जाने पर मयंक हैरान

अरविंद केजरीवाल पर अंगुली उठाई

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को 'आप' की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (पीएसी) से निकाले जाने के बाद अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और महाराष्ट्र से पार्टी के बड़े नेता मयंक गांधी ने पार्टी के खिलाफ बागी रुख अख्तियार करते हुए सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल पर अंगुली उठाई है।

उन्होंने कहा है कि अरविंद अच्छे लीडर हैं, लेकिन हर किसी में कुछ न कुछ खामियां होती हैं। पार्टी बिखर रही है, इस पर मैं नही कह सकता हूं। उन्होंने आगे कहा है कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और अरविंद तीनों से मैंने काफी कुछ सिखा है। मैं पार्टी में ही रहूंगा।

पीएसी की बैठक में वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहे गांधी ने कहा कि मनीष सिसोदिया द्वारा यादव और भूषण को हटाने का प्रस्ताव लाए जाने की घटना से सतब्ध हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 19 आप नेताओं ने भाग लिया जिसमें 8 लोगों ने योगेन्द्र यादव के पक्ष में वोटिंग किया जबकि 11 लोग उनको पीएसी में रखने के खिलाफ थे। 

मयंक गांधी ने अपने एक ब्लॉग में लिखा कि "मैं सार्वजनिक रूप से उन्हें हटाए जाने की घटना से सतब्ध रह गया, विशेषकर जब वे खुद इससे हटना चाहते थे। महराष्ट्र केपार्टी के वरिष्ठ नेता गांधी ने यह भी खुलासा किया कि केजरीवाल ने पहले ही कहा था कि अगर पीएसी में प्रशांत भूषण और यादव रहेंगे तो वह आप के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर काम नहीं करेगे। भूषण और यादव पर केजरीवाल के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था, और बैठक के दौरान कुछ साक्ष्य भी पेश किए गए। गांधी ने बताया कि पार्टी में कामकाज को लेकर मतभेद चल रहा जिसे सुलझाया नहीं जा सकता है और केजरीवाल, भूषण और यादव के बीच में विश्वास की कमी है। योगेन्द्र जानते हैं कि काम करने में मुश्किल होने के कारण अरविंद उन्हें पीएसी में नहीं रखना चाहते हैं।