ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन वार्ड और क्वरैंटाइन सेंटर बनाने की योजना

ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन वार्ड और क्वरैंटाइन सेंटर बनाने की योजना

नई दिल्ली: भारत में कोरोनावायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक इसके 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 17 लोगों की मौत हुई है। देश की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच मोदी सरकार इसे दुरुस्त करने के लिए तत्कालीन कदम उठा रही है। सरकार का सबसे ताजा कदम ग्रामीण इलाकों के लिए है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल मंत्रालय को आदेश दिया है कि ट्रेनों के कोच और केबिनों को आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू में बदला जाए, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोरोना के खतरे के बीच स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं जा सकें।

न्यूज वेबसाइट द प्रिंट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मोदी को यह विचार कुछ हफ्ते पहले दिया गया था। हालांकि, उन्होंने इसे मंगलवार को मंजूरी दी। इसके पीछे एक वजह यह बताई जा रही है कि चूंकि भारत का ज्यादातर क्षेत्र रेलवे से जुड़ा है। इसलिए जिन दूर-दराज के इलाकों में महामारी फैलेगी, वहां सुविधा न होने की स्थिति में ट्रेनों की बोगियों को मेकशिफ्ट (कहीं भी लाने ले-ले जा सकने वाला) वार्ड बनाया जाएगा।

बता दें कि सरकार काफी समय से कोरोनावायरस के मद्देनजर अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिशों में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) को ही देश भर में लॉकडाउन का ऐलान किया था। इसके बाद सभी पैसेंजर ट्रेन सेवाओं को 14 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दिया गया। हालांकि, मालगाड़ियों यानी फ्रेट ट्रेन इस दौरान चलती रहेंगी, ताकि जरूरी सामान अपने गंतव्य तक पहुंच सके।

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