नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज किया है। आप पार्षद पर मगंलवार को हिंसा में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप लगाया गया है, जिसका शव बुधवार को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दंगा प्रभावित ईलाके चांद बाग इलाके में उसके घर के पास एक नाले में मिला था। वहीं, ताहिर हुसैन को पार्टी ने निलंबित कर दिया है

इससे पहले पुलिस ने हिंसा मामले में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में स्थित फैक्ट्री को सील कर दिया। अंकित शर्मा के पिता ने आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे स्थानीय पार्षद और उनके सहयोगियों का हाथ है। हालांकि, ताहिर हुसैन ने आरोपो का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।

दरअसल, सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (सीएए) के विरोध और समर्थक में निकले प्रदर्शन में दो समूहों के बीच हुई हिंसा हुई। इस हिंसा में गुरुवार तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 200 से अधिक लोग घायल है। हुए दंगे में उन्मादी भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों, पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा ने मुख्य रूप से दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांद बाग और शिव विहार को अपने चपेट में ले लिया।

हिंसा में मारे गए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि चांद बाग में आप नेता और पार्षद ताहिर हुसैन की इमारत से पथराव कर रहे लोगों ने उनकी हत्या की। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन पहले ही अपना बयान दे चुके हैं जिसमें उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान उनके घर में भीड़ के घुसने के बारे में उन्होंने पुलिस और मीडिया को सारी जानकारी दी है। बता दें, बुधवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांदबाग के नाले से शर्मा सा शव बरामद हुआ था।

दिल्ली हिंसा पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से कई सवाल किए। कोर्ट ने कहा कि भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर पुलिस ने अब तक क्यों नहीं एक्शन लिया। जिस पर जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने वो वीडियो नहीं देखा है। जिसके बाद कोर्ट ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के बयान को चलवाया गया। कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद पुलिस ने अब तक 18 एफआईआर दर्ज किए गए है। वहीं, 106 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।