नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकवादियों से साठगांठ के आरोप में गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह से शेर-ए-कश्मीर पुलिस मेडल को वापस ले लिया है। बता दें कि राज्य की तरफ से उन्हें शौर्य के लिए शेर-ए-कश्मीर पुलिस मेडल प्रदान किया गया था। लेकिन, अब उनके आतंकवादियों से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद राज्य सरकार ने यह पुरस्कार वापस लेने के आदेश जारी किए थे।

बता दें कि देवेंद्र सिंह के घर पर हुई छापेमारी में सेना के 15 मैप और 7.5 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि हिज्बुल के आतंकियों ने अपने पाक हैंडलर्स के साथ यह नक्शा साझा किया होगा।

इस फैसले के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, ‘पूर्व में जम्मू-कश्मीर राज्य की ओर से 2018 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी सेवा के दौरान केवल वीरता पदक से उन्हें सम्मानित किया गया था’। पुलिस ने कहा कि जिला पुलिस लाइंस पुलवामा में जब वह डीएसपी के रूप में तैनात थे, तब 25-26 अगस्त 2017 को आतंकवादियों की ओर से एक फिदायीन हमले का सामना करने में उनकी भागीदारी के लिए उन्हें पदक प्रदान किया गया था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को कहा कि वह गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप देगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा, ‘देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पूरे ऑपरेशन की योजना जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से बनाई गई और गिरफ्तार अधिकारी पर कोई ढिलाई नहीं दिखाई जाएगी’। उन्होंने कहा, ‘उससे पूछताछ चल रही है’।

वहीं, जांच के बीच एनआईए के महानिदेशक वाईसी मोदी ने बुधवार (15 जनवरी) को गृह सचिव अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि उन्होंने पूरे मामले में जांच की प्रगति को लेकर गृहसचिव को जानकारी दी है।

अधिकारियों का कहना है कि देवेंद्र सिंह मामले में सरकार का रुख बेहद सख्त है। एनआईए को सभी पहलुओं की विस्तार से जांच करने को कहा गया है जिससे गिरफ्तार डीएसपी के कारनामों का कच्चा चिठ्ठा खोला जा सके। अभी एनआईए इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रही है।

बता दें कि देवेंद्र सिंह को पिछले हफ्ते हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू और इरफान नाम के वकील के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी कार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पुलिस ने राजमार्ग पर रोक दिया था।