नागरिकता कानून पर सत्या नडेला दुखी

नागरिकता कानून पर सत्या नडेला दुखी

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है। इस मामले पर अब माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने अपना बयान जारी किया है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों को उन्होंने दुखद करार दिया है। हालांकि अपने इस बयान के बाद उन्होंने नागरिकता कानून पर एक और बयान जारी कर कहा कि आप्रवासियों को मौका मिलने से भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।

सत्या नडेला की ओर से जारी ताजा बयान में कहा गया, 'हर देश को अपनी सीमाओं को परिभाषित करना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए और उसके अनुसार आप्रवासियों की नीति निर्धारित करनी चाहिए। लोकतंत्र में यह एक ऐसी चीज है जिस पर जनता और तत्कालीन सरकारें बहस करेंगी और अपनी सीमाओं के भीतर परिभाषित करेंगी।

आगे सत्या नडेला ने ये भी कहा, 'मैं अपनी भारतीय विरासत से जुड़ा हूं। एक बहुसांस्कृतिक भारत में बढ़ा हूं और अमेरिका में मेरा आप्रवासी अनुभव है। मेरी आशा एक ऐसे भारत की है, जहां एक आप्रवासी स्टार्ट-अप को शुरू कर सकता हो या एक एमएनसी का नेतृत्व कर सकता हो, जिससे भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा हो।'

वहीं, इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों को माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने दुखद करार दिया था। दरअसल, सीएए को लेकर बजफीड के संपादक बेन स्मिथ ने उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही थी। इस पर नडेला ने कहा था, मुझे लगता है जो हो रहा है वह दुखद है। मुझे अच्छा लगेगा अगर कोई बांग्लादेशी अप्रवासी भारत में इन्फोसिस का सीईओ बनता है।

नडेला की ओर से माइक्रोसॉफ्ट इंडिया द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि प्रत्येक देश को अपनी सीमाओं को पारिभाषित करने, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और आव्रजन नीति निर्धारित करने का अधिकार है। लोकतंत्रों में यह सब जनता और सरकार के बीच बहस से पारिभाषित होता है।

बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ नडेला ने यह बातें मैनहट्टन में एक कार्यक्रम में कहीं। नडेला का यह बयान तब सामने आया है जब नागरिकता कानून को लेकर देश में विपक्षी पार्टियों समेत विभिन्न राज्यों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन को बॉलीवुड की कुछ हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है। वहीं, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया जैसी यूनिवर्सिटी के छात्र भी बीते एक महीने से भी ज्यादा समय से इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

नागरिकता कानून 2019, 10 जनवरी से पूरे देश में लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी है। देश में कई जगहों पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। इस कानून को लेकर देश के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनकी जांच जारी है।