दिल्ली की महिलाओं को केजरीवाल सरकार का तोहफा

दिल्ली की महिलाओं को केजरीवाल सरकार का तोहफा

आज से डीटीसी में महिलाओं का सफर फ्री, सुरक्षा के लिए मार्शल तैनात

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में महिलाएं भाई दूज यानी मंगलवार से डीटीसी और कलस्टर बसों में फ्री यात्रा कर सकेंगी। इसके साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह भी ऐलान किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में 13 हजार मार्शलों की तैनाती भी होगी, जिसके लिए भर्तियां हो चुकी हैं।

इस बीच दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने फ्री में सफर कर रही एक यात्री की तस्वीर ट्विटर पर साझा की और लिखा, ''किसी ने अभी इसे भेजा है...आज बसों में महिला यात्रियों को दिए जा रहे पिंक सिंगल जर्नी पास को देखकर बहुत खुशी हुई।'' इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैलाश गहलोत के ट्वीट के रिप्लाई में कहा, ''दिल्ली को बधाई हो। यह महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम है।''

इस फ्री सफर करने के लिए महिलाओं को गुलाबी रंग का सिंगल जर्नी पास लेना होगा। यह पास कंडक्टर से ही मिलेगा। इसके लिए महिला सवारी को कोई पैसा नहीं देना है। दिल्ली-एनसीआर में चलने वाली कोई भी डीटीसी (एसी, नॉन एसी), कलस्टर बस में सफर फ्री होगा।

यह मुफ्त सफर दिल्ली-एनसीआर में चलनेवाली सभी डीटीसी और कलस्टर बसों में मिलेगा। इसके लिए महिला का दिल्ली की होना जरूरी भी नहीं है। दिल्ली-एनसीआर एरिया में सभी महिलाओं के लिए यह सफर फ्री ही है। यह स्कीम फिलहाल मार्च 2020 तक लागू रहेगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के प्रति वचनबद्ध है और इसके तहत 29 अक्टूबर तक दिल्ली की बसों में मार्शलों की संख्या बढ़ाकर तकरीबन 13 हजार कर दी जाएगी। केजरीवाल ने त्यागराज स्टेडियम में नवनियुक्त मार्शलों के एक एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आज मैं आप सभी को यह सुनिश्चत करने की जिम्मेदारी सौंपना चाहता हूं कि हर सरकारी बस में महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर सकें।’’ केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली की बसों में मार्शलों की मौजूदा संख्या 3400 है। उन्होंने कहा, ‘‘भाईदूज के पावन पर्व पर बसों में मार्शलों की संख्या बढ़ाकर लगभग 13 हजार कर दी जाएगी। हम शहर में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे लगता है कि बसों में मार्शलों की संख्या में ऐसी बढ़ोत्तरी दुनिया के किसी भी शहर में नहीं की गई होगी।’’

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