श्रेणियाँ: कारोबार

जीएसटी कलेक्शन 19 माह के निचले स्तर पर

नई दिल्ली: सुस्त रफ्तार अर्थव्यवस्था के चलते जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। सितंबर के जीएसटी संग्रह में भारी गिरावट आई है। बीते माह में जीएसटी संग्रह 91,916 करोड़ रुपये रहा जो पिछले 19 माह का सबसे निचला स्तर है। फरवरी 2018 में 85,174 करोड़ रुपये जीएसटी जमा हुआ था। अगस्त के बाद सितंबर में भी जीएसटी का संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से कम रहा है। यह लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी का कलेक्शन गिरा है।

कुल जीएसटी की बात करें तो एक माह पहले यानी अगस्त के मुकाबले इसमें भारी गिरावट रही है। अगस्त में सरकार को 98,202 करोड़ रुपये जीएसटी मिला था जबकि सितंबर में 91,916 करोड़ रुपये टैक्स मिला। पिछले साल के सितंबर के मुकाबले भी संग्रह कम रहा है। पिछले साल सितंबर में 94,442 करोड़ रुपये टैक्स जमा हुआ था। इस तरह वार्षिक आधार पर कर संग्रह में 2.67 फीसदी की गिरावट रही।

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार सितंबर के दौरान कुल जीएसटी संग्रह में सीजीएसटी 16,630 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 22,598 करोड़ रुपये, आइजीएसटी 40,069 करोड़ रुपये और सेस 7,620 करोड़ रुपये रहा है।

केंद्र सरकार ने सीजीएसटी में 21,131 करोड़ रुपये और एसजीएसटी में 15,121 करोड़ रुपये का सेटलमेंट किया है। सेटलमेंट के बाद सितंबर में केंद्र को सीजीएसटी से 37,761 करोड़ रुपये और राज्यों को एसजीएसटी से 37,719 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इससे पहले अप्रैल, मई और जुलाई में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये के पार गया था। 30 सितंबर तक व्यापारियों द्वारा 75.94 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरे गए। ये रिटर्न अगस्त के लिए जमा किए गए थे।

Share

हाल की खबर

सरयू नहर में नहाने गये तीन बच्चों की मौत, एक बालिका लापता

मृतको में एक ही परिवार की दो सगी बहने, परिजनो में मचा कोहरामएसडीएम-सीओ समेत पुलिस…

मई 1, 2024

बाइक सवार दोस्तों को घसीट कर ले गई कंबाइन मशीन, एक की मौत, दूसऱे की हालत गंभीर ,लखनऊ रेफर

बाइक सवार मित्रों को गांव से घसीटते हुए एक किलो मीटर दूर ले गई,सहमे लोग…

मई 1, 2024

एचडीएफसी बैंक के पेजैप ऐप को ‘सेलेंट मॉडल बैंक’ का पुरस्कार मिला

मुंबईएचडीएफसी बैंक के मोबाइल ऐप पेज़ैप (PayZapp) को 'सेलेंट मॉडल बैंक' अवार्ड मिला है। एचडीएफसी…

मई 1, 2024

पत्रकारों के पेंशन और आवास की समस्या का होगा समाधानः अवनीष अवस्थी

-कम सैलरी में पत्रकारों का 24 घंटे काम करना सराहनीयः पवन सिंह चौहान -यूपी वर्किंग…

मई 1, 2024

पिक्चर तो अभी बाक़ी है, दोस्त!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) हम तो पहले ही कह रहे थे, ये इंडिया वाले क्या…

मई 1, 2024

आज के दौर में ट्रेड यूनियन आंदोलन और चुनौतियां

(अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर विशेष आलेख : संजय पराते) आजादी के आंदोलन में ट्रेड यूनियनों…

मई 1, 2024