योगी सरकार की बड़ी असफलता दर्शाती है बिजली की बढ़ी दर: प्रमोद तिवारी

योगी सरकार की बड़ी असफलता दर्शाती है बिजली की बढ़ी दर: प्रमोद तिवारी

लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बढ़ी हुई 12 प्रतिशत बिजली की दर वर्तमान सरकार की बड़ी असफलता की कहानी बयान कर रही है, और सरकार बेषर्मी से कह रही है कि आज जो बिजली की दर बढ़ रही है वह समजावादी पार्टी एवं बहुजन समाजपार्टी की पिछली सरकार की नाकामियों का नतीजा है । श्री तिवारी ने कहा है कि प्रदेष सरकार के ढाई साल बीत जाने के बाद उसकी विफलताओं के कारण दोबारा बिजली का बिल बढ़या जा रहा है । क्या सरकार के लिये ढाई साल पर्याप्त नहीं है कि वह अपनी कुछ उपलब्धियांॅ बता सके ? इसके बावजूद अपनी असफलताओं को छिपाने के लिये सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ रही है ।

सरकार द्वारा किसानों से वायदा किया गया था कि उन्हें उपज का ‘‘दोगुना दाम’’ दिया जायेगा । बिजली की दर बढ़ने से सिंचाई और मंड़ाई, जहाॅ बिजली का उपयोग होता है, की लागत बढ़ेगी, और किसानों को उनकी उपज की दोगुना कीमत मिलने की बजाय उन्हें और घाटा पहंुॅचाया जा रहा है, तथा लागत बढ़ायी जा रही है ।

श्री तिवारी ने कहा है कि इसी प्रकार से कुछ दिनों पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गयी । जब दुनिया के बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम हो रही है, और देष के दूसरे प्रदेशों में पेट्रोल एवं डीजल के दाम कम हो रहे हैं तो फिर यह किस सरकार के ‘‘पाप का फल’’ है जिसे जनता भुगत रही है जबकि पिछले 5 सालों से केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की भा0 ज0 पा0 की सरकार है ।

श्री तिवारी ने कहा है कि सच्चाई तो यह है कि आर्थिक मन्दी और महंगाई की मार झेल रही प्रदेश की जनता को यह बोझ मौजूदा सरकार की नाकामियों के कारण भुगतना पड़ रहा है । एक तरफ बिजली की आपूर्ति कम की जा रही है और दूसरी तरफ दोबारा बिजली की दर बढ़ाये जा रहे हैं । जनहित में बिजली के बढ़े हुये दर को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए ।

सरकार की गलत नीतियों और नाकामियों ने देश को आर्थिक तबाही और बर्बादी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है । वर्तमान सरकार की गलत नीतियों की वजह से विकास दर 5%पर पहंुॅच गयी है जबकि ‘‘मोदी सरकार’’ का वायदा ‘‘डबल डिजिट’’ में अर्थात 10 अंक के ऊपर विकास दर पहंुॅचाने का था । आज दुनिया का कोई भी देश भारत में पूँजी निवेश करने को तैयार नहीं है, क्योंकि gst और नोटबन्दी ने देश की अर्थ व्यवस्था को तबाह कर दिया है, और निवेशक का विशवास सरकार में खत्म हो गया है ।

श्री तिवारी ने कहा है कि एक तरफ तो सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन और देश को 5 ट्रिलियन का सपना दिखाया जा रहा है, और दूसरी तरफ वास्तविकता यह है कि जो विरासत कांगे्रस सरकार ने इसे दिया था उसे भी खत्म कर दिया गया है । आज कृृषि विकास दर 2% से भी नीचे आ गयी है । और सरकार द्वारा इस बर्बादी का कारण पिछली सरकारों को बताया जा रहा है जबकि वर्तमान सरकार की गलत नीतियों और उसकी नाकामियों के कारण देश और प्रदेश के सामने ऐसी गम्भीर स्थिति पैदा हुई है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है ।