आंतरिक मसले में बाहरी दखल के खिलाफ हैं भारत और रूस

आंतरिक मसले में बाहरी दखल के खिलाफ हैं भारत और रूस

पीएम मोदी ने पुतिन को बताया महान मित्र

व्लादिवोस्तोक (रूस) : रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत और रूस के संबंध केवल दो राजधानियों तक सीमित नहीं हैं और दोनों देश किसी भी देश के आंतरिक मसले में बाहरी दखल के खिलाफ हैं। पीएम मोदी ने किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ था जो भारत के आंतरिक मसले कश्मीर पर दखल देने और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने में जी-जान से लगा है। हालांकि उसकी सभी कोशिशें नाकाम हुई हैं।

अपने दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे पीएम ने राष्ट्रपति पुतिन को 'महान मित्र' बताया। मोदी रूस के पूर्वी सुदूर क्षेत्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मौजूदगी के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी समझौतों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चेन्नई से व्लादिवोस्तोक के बीच समुद्री रास्ता विकसित करने के एक प्रस्ताव पर दोनों देश सहमत हुए हैं।

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में व्लादिवोस्तोक का दौरा कर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यहां बुलाने के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का धन्यवाद देना चाहता हूं। मुझे याद है कि 2001 के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मैं अटल जी के शिष्टमंडल के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में यहां आया था। उस समय पुतिन रूस के राष्ट्रपति थे।'

पीएम मोदी ने कहा, 'राष्ट्रपति पुतिन के कार्यकाल के दौरान भारत और रूस के बीच सहयोग काफी बढ़ा है। इस सबंध को हम विश्वास एवं सहयोग की भावना से नई ऊंचाई पर ले गए हैं। भारत और रूस के संबंध दो देश की राजधानियों तक सीमित नहीं है बल्कि हमने इस सहयोग को सरकारी दायरे से बाहर लाकर निजी कंपनियों एवं लोगों की ऊर्जा से जोड़ा है। रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस संयुक्त रूप से मिलकर काम कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'अंतरिक्ष क्षेत्र में रूस के साथ हमारा सहयोग बढ़ रहा है। गगनयान के लिए भारतीय अंतरिक्षयात्री रूस में प्रशिक्षण लेंगे। दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत पड़ने पर भारत और रूस आर्कटिक एवं अंटार्कटिक में भी सहयोग करते हैं।' अफगानिस्तान पर पीएम मोदी ने कहा, 'हम स्वतंत्र, सुरक्षित, अखंड और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान की कामना करते हैं। हम दोनों देश किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी दखल के खिलाफ हैं।' पीएम ने कहा कि भारत और रूस बाघ संरक्षण पर अगले वर्ष हाई लेवल फोरम का आयोजन करने पर सहमत हुए हैं।

विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा, 'इस द्विपक्षीय सम्मेलन में मुख्य एजेंडा आर्थिक संबंध था। ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देश आगे बढ़ने पर सहमत हुए हैं। साथ ही उड्डयन क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन पर जोर दिया गया है।' विदेश सचिव ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र के सह-उत्पादन पर जोर दिया है।