आज नहीं तो कल मुस्लिम देश कश्मीर के साथ खड़े होंगे: इमरान खान

आज नहीं तो कल मुस्लिम देश कश्मीर के साथ खड़े होंगे: इमरान खान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी गलती की है और अब यह कश्मीर के लोगों की आज़ादी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है। अब मैं खुद कश्मीर का राजदूत बनकर दुनिया को बताऊंगा कि भारत कश्मीर पर कैसे अत्याचार कर रहा है। इमरान ने कहा कि पाकिस्तानियों को यह खबर सुनकर निराशा होती है कि मुस्लिम देश कश्मीर मुद्दे का समर्थन नहीं कर रहे हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है।

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान कश्मीर मुद्दे पर आज राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में बड़े-बड़े फ़िरऔन आए, लेकिन उन्होंने अहंकार करके जो गलतियां कीं जिससे वह तबाह हो गए, नेपोलियन और हिटलर अहंकार की वजह से बर्बाद हो गए, मोदी को भी अहंकार है। मोदी का ख्याल है कि वह कश्मीर में सेना भेजकर, वे पूरी ताकत से कश्मीरियों का दमन करेंगे और यहां से आतंकवादी भेजकर पाकिस्तान पर हमला करेंगे, ताकि दुनिया कश्मीर से पाकिस्तान की तरफ मुड़ जाए। लेकिन हमने दुनिया को समय रहते सूचित करके उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। इमरान ने कहा कि अब पूरे पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर एकजुटता दिखानी होगी। आज मुस्लिम देशों कश्मीर के साथ खड़े न होने पर निराश होने की जरूरत नहीं, आज अगर यह देश अपनी मजबूरियों या व्यापार कारण कश्मीर के साथ नहीं खड़े तो कल कश्मीर के साथ खड़े हो जाएंगे।

उन्होंने कहा, 'कश्मीर मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करने का समय आ गया है। भारत ने पाकिस्तान पर पुलवामा हमले का आरोप लगाया, लेकिन उस सटीक कारण पर ध्यान नहीं दिया जिसके परिणामस्वरूप यह घटना हुई। भारतीय सरकार ने कश्मीर के बारे में धारा 370 को निरस्त करके अपने संविधान का उल्लंघन किया। पाकिस्तान के लोगों और सरकार को कश्मीर के साथ खड़ा होना चाहिए। हम कश्मीर के लिए साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे। यह कश्मीर को आजादी मिलने का समय है।'

हमने भारत से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन भारत चुनाव के दौर से गुजर रहा था इसलिए हमने इंतजार किया। तभी पुलवामा हुआ और उन्होंने तुरंत पाकिस्तान की ओर उंगलियां उठाईं। भारत ने FATF में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश की और दिखाया कि पाकिस्तान के प्रति उनका एजेंडा कैसा है। 5 अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ जो संदेश गया वह यह है कि भारत केवल हिंदुओं के लिए है।