कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा बोले, 'अमित भाई' भेजेंगे मंत्रियों की लिस्ट

कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा बोले, 'अमित भाई' भेजेंगे मंत्रियों की लिस्ट

नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नेताओं की लिस्ट मिलते ही वह मंगलवार को इसे अमल में ला देंगे। भाजपा के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार में जिन भाजपा नेताओं को मंत्री बनाया जाना है उनकी लिस्ट येदियुरप्पा को आज दो-तीन घंटे के भीतर मिलने वाली है। राज्य में कांग्रेस सहयोग से जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद नए सीएम की शपथ लेने वाले येदियुरप्पा पिछले तीन सप्ताह से वन मैन कैबिनेट वाली सरकार चला रहे हैं।

कर्नाटक सीएम ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘दो-तीन घंटे के भीतर मैं अमित भाई (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) से फाइनल लिस्ट लेने जा रहा हूं। इसलिए मंत्रिमंडल का विस्तार कल (20 अगस्त) किया जाएगा।’ येदियुरप्पा ने आगे कहा कि ‘मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार सुबह 10:30 बजे से 11:30 के बीच होगा। मैं पहले ही एक पत्र के जरिए राज्यपाल को इसकी सूचना दे चुका हूं। मैंने मुख्य सचिव को भी सारी व्यवस्था करने को कहा है।’

इसी बीच भाजपा ने मंगलवार सुबह अपने विधायकों को मीटिंग के लिए बुलाया है, और बाद में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। संसद में महत्वपूर्ण बिलों पास कराने और उत्तरी व तटीय कर्नाटक में विनाशकारी बाढ़ के चलते मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को कुछ अहम कारणों में से एक माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल में संभावित मंत्रियों की संख्या के सवाल पर येदियुरप्पा ने कहा, ‘पहले चरण में 13 से 14 लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें एक या दो कम बढ़ती हो सकते हैं। हालांकि हमने 13 से 14 लोगों की सिफारिश की है।’

बता दें कि येदियुरप्पा के पास मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान सभी जातियों के समीकरण को साधने की चुनौती होगी। कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन वाली पिछले सराकर के विपरीत भाजपा सरकार को उत्तरी और तटीय कर्नाटक से विधायकों की बड़ी सख्या मिली है। प्रदेश का लिंगायत समुदाय भी सरकार से पुरस्कृत होने की उम्मीद करेगा।

हालांकि नाम ना छापने की शर्त पर भाजपा पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि येदियुरप्पा की सरकार में डिप्टी सीएम का पद नहीं होगा। वहीं वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक महादेव प्रसाद ने कहा कि सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार में सावधानी बरतनी होगी ताकि पार्टी के भीतर किसी भी गुट को परेशानी ना हो।