EVM की जगह मतपत्र से हों इलेक्शन: ममता बनर्जी

EVM की जगह मतपत्र से हों इलेक्शन: ममता बनर्जी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का राग अलापते हुए चुनाव आयोग से पंचायत और नगर निगम के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की है। शहीद दिवस के बहाने ममता बनर्जी आज कोलकाता में अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं। ममता ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ईवीएम, सीआरपीएफ और चुनाव आयोग के जरिए धोखाधड़ी कर चुनाव जीता। उन्हें (भाजपा) केवल 18 सीटें मिलीं, कुछ और सीटें पाने के लिए वो हमारे दफ्तरों और पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटकर हमारी पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं।'

तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने ईवीएम की जगह पर मतपत्र वापस लाने की मांग करते हुए कहा है कि लोकतंत्र को बचाने एवं चुनाव के दौरान कालेधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए देश में चुनाव सुधार जरूरी हैं। उन्होंने कहा, ‘यह मत भूलिए कि पहले इंगलैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका में भी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अब उन्होंने उसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया है... तो ऐसे में हम क्यों मतपत्र वापस नहीं ला सकते?’

टीएमसी की कोलकाता में आयोजित यह सबसे बड़ी रैलियों में एक है। खबरों की मानें तो इस रैली में 3 लाख से ज्यादा भाग लेने वाले हैं। 1993 में वाम शासन के दौरान कोलकाता के मेयोरोड में पुलिस द्वारा गोलीबारी की गई जिसमें 13 लोग मारे गए थे। इन्हीं मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह रैली की जा रही है। ममता ने अपनी इस रैली के दौरान भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा का चुनाव धोखाधड़ी से जीता।

कोलकाता में आयोजित रैली को संबोधित करने से पहले ममता ने सोनभद्र हत्याकांड को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। मीडिया से बात करते हुए ममता ने कहा, 'मैंने सुना कि आदित्यनाथ आज सोनभद्र जा रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें जल्द ही जाना चाहिए था। सोनभद्र में जो हुआ है, वह सही नहीं है। मैं इस प्रियंका गांधी को हिरासत में लिये जाने की निंदा करती हूं। जो भी हुआ वह गलत है। दलितों पर अत्याचार होने के मामले सामने आए हैं और अगर कोई इसके खिलाफ आवाज उठा रहा है, तो उन्हें ऐसा करने की इजाजत दी जानी चाहिए। हमने भाटपारा में ऐसा ही किया था। हम लोगों को रोकते नहीं हैं लेकिन वे (भाजपा) ऐसा करते हैं और फिर हमारे बारे में झूठ फैलाते हैं।'