डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी को मिला 'केडीएफ लाइफटाइम एचीवमेंट सम्मान'

डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी को मिला 'केडीएफ लाइफटाइम एचीवमेंट सम्मान'

मेरठ: कांति देवी फाउंडेशन (केडी फाउंडेशन) ने मेरठ मंडल के उप सूचना निदेशक डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी को शनिवार को सेवानिवृति के अवसर पर उन्हें "केडीएफ लाइफटाइम एचीवमेंट" सम्मान से सम्मानित किया है। एमडीए स्थित उप सूचना निदेशक कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में केडी फाउंडेशन की अध्यक्ष एडवोकेट हिना रस्तोगी, वरिष्ठ रंगकर्मी और यूनाइटेड प्रोग्रेसिव थिएटर एसोसिएशन (उप्टा) के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा, महामंत्री अनिल कुमार शर्मा और बीके रस्तोगी ने संयुक्त रूप से उप सूचना निदेशक डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी को केडीएफ लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड का मोमेंटो, शॉल और बुक मार्क देकर सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. रिज़वी मेरठ की यादों को बताते हुए भावुक भी हो गए। इस दौरान उन्होंने हरियाली और पौधारोपण को लेकर समर्पित संस्था केडी फाउंडेशन के कामों की सराहना करते हुए कहा कि शहर, जिले और प्रदेश में केडीएफ ने हरियाली और पौधारोपण के क्षेत्र में बहुत बड़ा नाम कमा लिया है। उन्होंने कहा कि एक महिला होकर भी जिस तरह एडवोकेट हिना शहर और प्रदेश में अपनी छोटी बिटिया के साथ तपती धूप में मेरठ जिले में पौधारोपण कर रही हैं यह दूसरों के लिए बहुत बड़ी मिसाल है।

आपको बता दूं कि डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी 1 मई मज़दूर दिवस पर 2017 में मेरठ मंडल के उप सूचना निदेशक बने थे। वे जून 1990 में उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना विभाग में आयोग से चयनित होकर सूचना अधिकारी बने थे। कम समय में उम्दा कामों की बदौलत डॉ. वजाहत हुसैन रिज़वी प्रदेश के एक दो नहीं बल्कि 5 मुख्यमंत्री के चहेते बन गए थे। वे सन 2000 में सबसे पहले भाजपा के सरकार के मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता के सूचना अधिकारी बने थे। उसके बाद राजनाथ सिंह, मायावती, अखिलेश यादव के साथ पूर्ण कार्यकाल तक सूचना अधिकारी रहे। सन 2017 में सूबे में भाजपा की योगी सरकार बनने के बाद केवल डेढ़ महीने वे योगी सरकार के सूचना अधिकारी रहे। फिर उनका तबादला मई 2017 में मेरठ मंडल के उप सूचना निदेशक के रूप में कर दिया गया। जबकि उनकी सेवानिवृति के महज 2 साल से भी कम समय बचे थे। हालांकि उन्होंने अपने सौम्य व्यकितत्व की वजह से सबको बना लिया।

Uttar Pradesh, India