वेतन रोके जाने पर भड़के सफाई कर्मचारी, आन्दोलन की चेतावनी

वेतन रोके जाने पर भड़के सफाई कर्मचारी, आन्दोलन की चेतावनी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी की आज आपात बैठक में दो दिनों के अन्दर 154 सफाई कर्मचारियों के वेतन रोके जाने पर रोष जताते हुए आन्दोलन की चेतावनी दी गई है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की बैठक हुई सम्पन्न मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ द्वारा भारी मात्रा में सफाई कर्मचारियों के वेतन रोके जाने को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश जताया गया। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की बैठक चिनहट ब्लाक के सभागार में संघ के अध्यक्ष राम किशन की अध्यक्षता में आहुत की गई जिसमें सफाई कर्मचारियों के अनुचित तरीके से वेतन रोके जाने पर चर्चा की गई । जिला अध्यक्ष रामकिशन द्वारा बताया गया कि हाल ही में मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ द्वारा 24 जून को 84 सफाई कर्मचारियों व 25 जून को लगभग 70 कर्मचारियों का वेतन दूरभाष पर दी गई गलत उपस्थित के क्रम में रोक दिया गया जबकि इनमें से कई सफाई कर्मचारी अपनी ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहे थे, जिसकी पुष्टि लिखित रुप से ग्राम प्रधानों द्वारा उच्च अधिकारियों को अपने लैटर पैड द्वारा लिखित रूप से दी गई किंतु बिना ग्राम प्रधानों से जानकारी लिए व जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा बनाए गए बीट इंचार्जों से उपस्थिति का संज्ञान लिए बिना तथा ना ही सफाई कर्मचारियों को बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए बगैर वेतन रोक दिया गया ।

बैठक में बताया गया कि सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन लोक कल्याण मित्रों से कराया जा रहा है जो प्राइवेट संस्था के कर्मचारी हैं जो कि यह नियम विरुद्ध है । इसके अतिरिक्त ऐसे कर्मचारियों का भी वेतन रोक दिया गया जो मूक - बधिर है । तथा कार्य क्षेत्र में उपस्थित थे लेकिन बोल व सुनने में सक्षम न होने के कारण मोबाइल में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके ऐसे कर्मचारियों का भी वेतन रोक दिया गया जो अनुचित है । जिला संरक्षक व प्रदेश महामंत्री श्री बसंत लाल गौतम द्वारा बताया गया कि नियमावली के विपरित कर्मचारियों को बिना कारण बताओ दिए इनका वेतन रोका जाना न्याय संगत नहीं है। बैठक का संचालन कर रहे जिला मंत्री मयंक व कोषाध्यक्ष विजय कुमार यादव द्वारा बताया गया कि एक तरफ तो मा० मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट आदेश है कि सफाई कर्मचारियों को उनके तैनाती ग्राम पंचायतों में भेजा जाए किंतु इसके विपरीत सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों के बंगलों ,कार्यालयों व अन्य स्थानों पर लगाए रखा है जिससे स्वच्छ भारत मिशन प्रभावित हो रहा है । ऐसे कर्मचारियों को उनके नियुक्ति ग्राम पंचायतों में भेजा जाए । बैठक उपरांत मुख्य विकास अधिकारी महोदय को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रेषित कर समस्याओं के निराकरण की आशा की गई है । यदि उक्त समस्याओं का निराकरण जल्द ही ना किया गया तो कर्मचारियों के आक्रोश को दृष्टिगत रखते हुए विवश होकर संघ को धरना ध्प्रर्दशन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी महोदय की होगी । उक्त बैठक में समस्त ब्लाकों के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

Lucknow, Uttar Pradesh, India