समाज मे सतत सामाजिक चर्चाऐं, सकरात्मक सोच को जन्म देती हैं : लक्ष्य

समाज मे सतत सामाजिक चर्चाऐं, सकरात्मक सोच को जन्म देती हैं : लक्ष्य

सीतापुर: " लक्ष्य घर घर की ओर" अभियान के तहत लक्ष्य कमांडर मुन्नी बौद्ध ने सीतापुर के तरीनपुर मोहल्ले में हजारी लाल मौर्य जी के निवास पर एक भीम चर्चा का आयोजन किया |

सतत सामाजिक चर्चाएं, समाज में सकरात्मक सोच को बनाये रखती है अर्थात जिस समाज में निरन्तर किसी ने किसी रूप में सामाजिक चर्चाएं चलती रहती है उस समाज के लोगो में सकरात्मक सोच वाली ऊर्जा बरक़रार रहती है और वे लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते रहते है और वह समाज हर परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़ा रहता है |

सकरात्मक सोच वाले लोग कभी भी अपने लक्ष्य से नहीं भटकते है और विपरीत इसके ऐसा समाज जिसके लोग सामाजिक चर्चाओं से परहेज करते है ऐसे लोग नकरात्मकता से भरे होते है और उनका कोई अपना लक्ष्य नहीं होता है तथा ऐसे लोग हमेसा अपने लक्ष्य से भटकते दिखाई देते है और ऐसे लोगो का समाज कमजोर, निरक्षर, सामाजिक कुरीतियों से भरा होता है परिणाम स्वरूप ऐसे समाज के लोगो का निरन्तर शोषण होता रहता है यह बात लक्ष्य कमांडर मुन्नी बौद्ध ने भीम चर्चा के दौरान कही |

उन्होंने बहुजन समाज के लोगो से आवाहन करते हुए कहा कि आओ एक अच्छे व् मजबूत समाज का निर्माण करे और इसके लिए घर घर व् गांव गांव जाकर भीम चर्चाएं करे ताकि बहुजन समाज के लोगो को मानशिक रूप में मजबूत किया जा सके ताकि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सके |

इस भीम चर्चा में अनिकेत मौर्य, सुमन मौर्य, सपना मौर्य, निधि मौर्य, शांति मौर्य, मनोज मौर्य व् सोमकुमार मौर्य ने भी सम्बोधित किया |

Uttar Pradesh, India