बेरोज़गारी के आंकड़ों पर मायावती का तंज़- अब पछताने से क्या होगा, जब चिड़िया चुग गयी खेत

बेरोज़गारी के आंकड़ों पर मायावती का तंज़- अब पछताने से क्या होगा, जब चिड़िया चुग गयी खेत

नई दिल्ली: बहुजन समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मायावती ने बेरोज़गारी शीर्ष पर और विकास दर न्यूनतम होने सम्बंधी आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से केंद्र में मोदी सरकार को फिर से जिताने वाले ग़रीब और बेरोज़गारों पर तंज कसते हुए कहा है, “अब पछताने से क्या होगा, जब चिड़िया चुग गयी खेत।”

मायावती ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “श्रम मंत्रालय ने लोकसभा चुनाव के बाद अब अपने डाटा से इस बुरी खबर को प्रमाणित कर दिया है कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक 6.1 प्रतिशत हो चुकी है। परन्तु गरीबी और बेरोजगारी के शिकार करोड़ों लोगों के अब पछताने से क्या होगा, जब चिड़िया चुग गई खेत ।”

उन्होंने देश की विकास दर घट कर न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के बारे में कहा, “देश के लिए यह भी अच्छी खबर नहीं है कि भारत के आर्थिक विकास की दर घट कर 5.8 पर आ गई जो बहुत नीचे है।

मायावती ने इसकी वजह कृषि विकास दर में गिरावट को बताते हुए कहा, “जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) विकास की यह दर कृषि और फैक्ट्री उत्पाद में भारी गिरावट का परिणाम है। पहले से ही काफी त्रस्त देश की गरीब जनता के जीवन का सही कल्याण कैसे होगा?”