सीएम योगी ने शुरू किया 'मेरा परिवार भाजपा परिवार' अभियान

सीएम योगी ने शुरू किया 'मेरा परिवार भाजपा परिवार' अभियान

लखनऊ: बीजेपी नेता अभिषेक बाल्मीकि के घर पहुंच कर सीएम ने मंगलवार को मेरा परिवार भाजपा परिवार अभियान की शुरुआत की। मोहन मिकिन्स इरादत नगर स्थित अभिषेक के घर सीएम ने बीजेपी का झंडा लगाया। स्टीकर चिपकाया। परिवार के साथ बैठकर चाय पी। बच्चों से उनकी पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछा। सीएम को अपने पास पाकर परिवार के लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे थे।

अभिषेक के घर में मंगलवार को उत्सव जैसा माहौल था। बच्चे से लेकर बड़े, महिलाएं सभी ने नए कपड़े पहन रखे थे। सुबह से ही लोग तैयारियों में जुटे थे। सीएम से मिलने के लिए पूरा परिवार आतुर था। करीब 12:15 बजे जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभिषेक बाल्मीकि व राम नरेंद्र दीवान के घर पहुंचे तो लोगों ने जिंदाबाद के नारे के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सीएम सीधे घर के अंदर चले गए। वहां परिवार के लोगों के बीच बैठ गए। परिवार के सदस्यों के बारे में उन्होंने पूछना शुरू किया। राम नरेंद्र की पत्नी निर्मला देवी, बच्चे स्वेता, सोनम, देवेंद्र, करण दीवान, चंदन तथा ऋषि वाल्मीकि सहित सभी से मुख्यमंत्री मिले। उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने मिठाई खाई तथा चाय भी पी। इसके बाद वह मकान की पहली मंजिल पर गए। वहां बीजेपी का झंडा लगाया। नीचे उतर कर आए। बाहर दरवाजे के पास मेरा परिवार भाजपा परिवार का स्टीकर लगाया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगी हुई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार के सबसे छोटे बच्चे सक्षम को अपने पास बुलाया। 4 वर्ष का सक्षम मुख्यमंत्री के बगल में जाकर खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ने बड़े प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखा और दुलारा। फिर उन्होंने सक्षम से पूछा कि स्कूल पढ़ने जाते हो। मुख्यमंत्री ने पूछा कि कहां पढ़ते हो। इसके बाद उन्होंने उसकी क्लास पूछी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी नेता अभिषेक वाल्मीकि के पिता व परिवार के मुखिया राम नरेंद्र दीवान से पूछा कि वह कब से भाजपा में हैं। दीवान ने बताया कि वह 30 सालों से बीजेपी से जुड़े हैं। उन्होंने सीएम को बताया कि उनके बड़े भाई राम प्रसाद बाल्मीकि जनसंघ के समय से जुड़े थे। राम नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में बात की। ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सफाई कर्मचारियों को स्थाई नौकरी देने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस संबंध में नगर विकास मंत्री से बात कर जल्दी ही कोई फैसला लेने की बात कही है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India