भाजपा के दबाव में कॉलेज ने रद्द किया जिग्नेश मेवाणी का लेक्चर तो प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल ने दिया इस्तीफा

भाजपा के दबाव में कॉलेज ने रद्द किया जिग्नेश मेवाणी का लेक्चर तो प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: अहमदाबाद के एचके आर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल ने इस्तीफा दे दिया है. कॉलेज के इतिहास में इस तरह की घटना पहली बार हुई है. दरअसल, कॉलेज के एनुअल डे प्रोग्राम में वडगाम से कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था. बाद में इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया.

मेवाणी इसी कॉलेज से पढ़े हैं और प्रिंसिपल ने उन्हें डॉक्टर आंबेडकर और भगत सिंह की जिंदगी पर एक लेक्चर देने के लिए इनवाइट किया था. सूत्रों की मानें तो कॉलेज ट्रस्ट के सदस्यों- गुजरात विद्यासभा ने वेन्यू के लिए अनुमति नहीं दी. आरोप है कि बीजेपी से संबंध छात्र नेताओं के दबाव के बाद यह फैसला किया गया.

प्रिंसिपल हेमंत कुमार शाह ने कहा, 'उन लोगों ने ट्रस्ट के सदस्यों को धमकी दी कि जिग्नेश मेवाणी कार्यक्रम में शामिल हुए तो वे तोड़फोड़ करेंगे.' उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम को रद्द करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया.

शाह ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'इस देश में हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी है और यह आजादी जिग्नेश मेवाणी को भी है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक दबाव में कॉलेज ट्रस्ट इस आजादी पर हमला कर रहा है.'

वहीं दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी कॉलेज ट्रस्ट के सदस्यों की आलोचना की. उन्होंने कहा, 'यह घटना बताती है कि कैसे एक लेक्चर बीजेपी को हिला सकती है. इससे उनका डर और उनकी कायरता नजर आती है. मैं कल तैयार था, मैं आज तैयार हूं और मैं कॉलेज में लेक्चर देने के लिए हमेशा तैयार रहूंगा बशर्ते कॉलेज के ट्रस्टी थोड़ी हिम्मत दिखाएं.'

असोसिएट प्रोफेसर संजय भावे भी शाह के इस्तीफा देने के फैसले से समर्थन में उतरे हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हेमंत भाई ने सही कदम उठाया है. समाज और लोकतंत्र पर विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को उनका साथ देना चाहिए. ट्रस्ट को जिग्नेश मेवाणी को कॉलेज आने की अनुमति देनी चाहिए थी और प्रिंसिपल का साथ देना चाहिए था.'

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